Monday, January 26, 2026
20.1 C
Delhi

UPSC रैंक 131: कश्मीर के Mohammad Muneeb Bhat की सात साल की मेहनत और हौसले की कहानी

अगर हौसला मज़बूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई सपना बड़ा नहीं होता। और इसी लाइन को हकीकत में साउथ कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के एक युवा ने पूरा कर दिखाया है। 32 साल के Mohammad Muneeb Bhat ने सात साल लगातार जीतोड़ मेहनत के बाद UPSC सिविल सर्विस एग्ज़ाम 2024 में ऑल इंडिया रैंक 131 हासिल की और दूसरों के लिए एक मिसाल कायम की। Muneeb Bhat ने सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं उनका UPSC तक का उनका सफ़र आसान नहीं था।

सफ़र की शुरुआत: छोटे सपने, बड़ी मेहनत

Mohammad Muneeb Bhat का UPSC सफ़र 2017 में शुरू हुआ, जब उन्होंने बी.टेक की पढ़ाई पूरी की। किसी भी UPSC उम्मीदवार की तरह मुनीब के रास्ते में भी कई रुकावटें आईं। कई बार असफलताएं मिलीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके मन में हमेशा ये भरोसा था कि अगर मेहनत की जाए और सब्र से काम लिया जाए तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।

साल 2023 में जब उन्होंने JKAS (जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस) एग्ज़ाम पास किया और स्टेट पुलिस सर्विस में सिलेक्ट हुए तो वो खुशी लफ्जों में बयां करने वाली नहीं थी। मुनीब कहते हैं, “ये मेरा आख़िरी अटेंप्ट था। मेरे पास पहले से ही राज्य सेवा की नौकरी थी, लेकिन मेरा सपना हमेशा से भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होना था।”

क्या था तैयारी की तरीका?

Muneeb Bhat बताते हैं कि उनकी तैयारी का तरीका बहुत आसान था “सिर्फ़ बुनियादी चीजों पर ध्यान देना।” उन्होंने NCERT की किताबों को ध्यान से पढ़ा, पिछले सालों के प्रश्न पत्रों को समझा और रोज़ अख़बार पढ़ना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। Muneeb Bhat बताते हैं, “अख़बार पढ़ना मेरी तैयारी का सबसे अहम हिस्सा रहा। इससे मुझे करंट अफेयर्स समझने में मदद मिली और सोचने का तरीका बेहतर हुआ।” मेंस एग्ज़ाम के लिए उन्होंने Answer Writing की प्रेक्टिस की यही छोटे-छोटे कदम उनकी सफलता की नींव बने।

कोचिंग और सही माहौल

Mohammad Muneeb Bhat ने अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन्स की कोचिंग दिल्ली के Shubhra Ranjan Coaching Institute से ली। उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की RCA कोचिंग में रहकर पढ़ाई की, जहां उन्हें सही माहौल मिला। Mohammad Muneeb Bhat कहते हैं, “ऐसी रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमियां पढ़ाई के लिए सही माहौल बनाती हैं।” Muneeb Bhat कहते हैं कि घर से भी अच्छी तैयारी की जा सकती है। “आजकल ऑनलाइन बहुत सारे स्टडी मटीरियल और लेक्चर उपलब्ध हैं। अगर डायरेक्शन सही हो, तो घर से भी आप UPSC जैसी कठिन एग्ज़ाम की तैयारी कर सकते हैं। बस खुद को मोटिवेट, फोकस्ड और डिसिप्लिन रखना बहुत ज़रूरी है।”

परिवार और दोस्तों का सहयोग

सात साल की लंबी तैयारी में Mohammad Muneeb Bhat का परिवार और दोस्तों का साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताक़त रहा। Muneeb Bhat मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मेरे माता-पिता, भाई-बहन, मंगेतर और दोस्तों ने हर समय मेरा हौसला बढ़ाया। उनके साथ ने मुझे हर मुश्किल समय में आगे बढ़ने की शक्ति दी।” कई बार असफलता मिली, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। छोटी-छोटी प्रगति और एग्ज़ाम में आए सुधार को देखकर खुद को मोटिवेट किया।

कश्मीर से UPSC तक: एक प्रेरक सफ़र

कश्मीर के एक छोटे से कस्बे से लेकर UPSC में ऑल इंडिया रैंक 131 हासिल करना Mohammad Muneeb Bhat की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा है। Muneeb Bhat कहते हैं, “मेरा मक़सद है कि मैं आम लोगों के लिए एक संवेदनशील और ईमानदार अधिकारी बनूं। समाज के हर आख़िरी व्यक्ति तक सेवा पहुंचना ही मेरी मुक़ाम होगा।” Muneeb Bhat की सबसे बड़ी सीख है कि अपने मक़सद को लेकर क्लियर रहना ज़रूरी है। उनका मानना है कि ये सपना आपका अपना होना चाहिए, और किसी की वजह से डरना या हिम्मत हारना गलत है।

ये भी पढ़ें: पत्थरों की रगड़ और पानी की धार: Zulfikar Ali Shah की उस चक्की की दास्तान जो वक़्त के साथ नहीं थमी

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories