Monday, August 31, 2026
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Nausheen Khan

बाघों का जश्न और पट्टानी मुसलमानों से जुड़ी कहानी, 200 साल पुरानी है Pulikali की दास्तान

ढोल की तेज़ थाप, कमर में बंधी घंटियों की आवाज़, चारों तरफ़ पीले, काले और लाल रंग से सजे...

लद्दाख का Suru Summer Festival: कुदरत की गोद में सजी संस्कृति और एडवेंचर का जश्न

लद्दाख की बात हो और सिर्फ़ बर्फ़ से ढके पहाड़ों का ज़िक्र हो, तो कारगिल की सुरू घाटी की...

Raksha Bhandan पर क्रोशिया राखियां बनाती निज़ामुद्दीन बस्ती की महिलाएं

Raksha Bhandan (रक्षाबंधन) पर आपने बाज़ारों में तरह-तरह की राखियां देखी होंगी। मोतियों और धागों से सजी राखियां और...

जब संस्कृति मिलती है टेक्नोलॉजी से: कोणार्क मंदिर से लेकर Dhana Dhanye Auditorium तक

कोलकाता में बना Dhana Dhanye Auditorium आज के मॉडर्न आर्किटेक्चर की एक दिलचस्प मिसाल है। शंख की शक्ल में...

1904 से 1947 तक: ऐसे बना भारत का तिरंगा, जो आज हमारी पहचान है

भारत का 80वें स्वतंत्रता दिवस 2026 के जश्न के बीच, जब तिरंगा हवा में लहराता है, तो हमारे दिल...

Mattan: जहां मस्जिद से अज़ान, मंदिर की घंटी और गुरबाणी मिलकर सुनाती हैं भाईचारे की कहानी

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में बसा Mattan (मट्टन) सिर्फ़ एक गांव नहीं है। ये उस गंगा-जमुनी तहज़ीब की ख़ूबसूरत...
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कचौड़ी गली के बाद कितनी बदली Utpal Udit की ज़िंदगी? बिहार से Coke Studio Bharat तक का सफ़र

20 मई 2026 को रिलीज़ हुआ ‘कचौड़ी गली’ गाना हर किसी की ज़ुबान पर था। Coke Studio Bharat के...

अपने गहने बेच फिर से शुरू किया Business, आज Neelofar के Handicraft हुनर से जुड़े 40+ कारीगर

बचपन में हाथ में सुई और धागा पकड़ा था, शायद तब Neelofar (नीलोफ़र) ने सोचा भी नहीं होगा कि...

Glaw Lake: अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर साइट, भारत की 101वीं कुदरती पहचान

इमैजिन..एक ऐसी झील, जहां सुबह की पहली रोशनी पहाड़ों की चोटियों से उतरकर शांत पानी पर बिखरती हो। चारों...

एक हादसा, 200 ग्राम दूध और Padma Shri Gurvinder Singh का सफ़र जिसने बदली हज़ारों ज़िंदगियां

कभी-कभी ज़िदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां इंसान के सामने सिर्फ़ दो रास्ते होते हैं या तो...

Pithora Painting: जब दीवारों पर रंगों के साथ उतरती है आस्था और पुरखों की कहानी

किसी कला की असल ख़ूबसूरती सिर्फ़ रंगों में नहीं, बल्कि उन रंगों के पीछे छिपी कहानियों, परंपराओं और आस्था...

Sarnath: बुद्ध के पहले उपदेश से UNESCO World Heritage तक का सफ़र

बस यूं समझिए, ये वो मुक़ाम है, जहां ख़ामोश पत्थर भी बताते हैं कि यहां इंसानियत की जीत हुई...