Thursday, June 11, 2026
38.5 C
Delhi

Nausheen Khan

गद्दों की दुकान से बिछी जिंदगी की सड़क: Malviya Nagar हादसे में रियाज़ुद्दीन ने पेश की मानवता की मिसाल

दिल्ली के Malviya Nagar में 3 जून 2026 को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को हिला कर...

Begums of Bhopal ने ऐसा क्या किया कि 150 साल पुराना इतिहास फिर चर्चा में आ गया?

भोपाल को यूं ही “बेगमों का शहर” नहीं कहा जाता। इस शहर की फिज़ाओं में आज भी तहज़ीब, अपनापन...

भारत की ‘Tea City of India’: जिसकी चाय की चुस्कियां पूरी दुनिया लेती है

भारत में चाय (Tea) लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की शुरुआत हो, सफ़र की...

Padma Shri 2026: 30 हज़ार शो, गायों की सेवा और Mir Haji Kasam का सफ़र

कुछ लोग अपनी बातों से पहचाने जाते हैं और कुछ अपने हुनर से। Mir Haji Kasam उन कलाकारों में...

5 हज़ार की स्कूटी से 10.09 सेकंड तक: कैसे Gurindervir Singh ने बदल दी भारतीय दौड़ की कहानी

रांची के फेडरेशन कप में शनिवार की शाम सिर्फ़ एक रेस नहीं हो रही थी, बल्कि भारतीय athletics का...

मानसखंड और केदारखंड से लेकर Uttarakhand तक, देवभूमि की वो कहानी, जहां हर पहाड़ में बसता है सदियों पुराना इतिहास

भारत के कई शहरों और राज्यों के नाम वक़्त के साथ बदलते रहे हैं, लेकिन उनके पुराने नाम आज...
spot_imgspot_img

ईरान से भदोही तक: कालीन (Carpet) के धागों में बुनी एक ख़ानदानी दास्तान

“कालीन (Carpet) बनाना हमारा ख़ानदानी काम है। हमारे बाप-दादा यही काम करते थे।” मोहम्मद हयात जब ये बात कहते...

“अगर सौ जन्म मिलें, तो हर बार एयरफोर्स चुनूंगा”: AVM Hilal Ahmed Rather (Retd)

DNN24 के Diverse Dialogue Podcast में इस बार बातचीत हुई AVM Hilal Ahmed Rather (Retd) से। ये सिर्फ एक...

साहिफ़ा से ख़ुर्शीद तक: Mughal Period की भूली-बिसरी महिला कलाकार,जिनका कला की दुनिया में है अलग मकाम

जब भी Mughal इतिहास का ज़िक्र होता है, तो लोगों के ज़हन में सबसे पहले ताजमहल, लाल किला, शाही...

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए कि आपके सामने हज़ारों साल पुरानी किसी सभ्यता की लिखावट...

क्या है साल 1812 से चली आ रही Phool Walon Ki Sair, जो Mughal दौर से आज तक लोगों को जोड़ती है

“दिल्ली की हस्ती मुनासिर कई हंगामों पर है” Mirza Ghalib के ये अल्फ़ाज़ उस दौर की याद दिलाते हैं,...

बनारस घराने से 18,000 फीट तक कथक: Nalini–Kamalini Asthana का 185 परफॉर्मेंस वाला सफ़र

“साथ जो तुम्हारा था, तो लम्हों का पता ना चला वक़्त जो गुज़रा, गुज़रता चला गया।” DNN24 के Diverse Dialogues Podcast...