Wednesday, September 9, 2026
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शायर

ख़ान-ए-आरज़ू: फ़ारसी के साये से उर्दू को निकालने वाला शाइर 

सिराज उद्दीन अली ख़ान- जिन्हें अदब की दुनिया "आरज़ू" के तख़ल्लुस से जानती है सिर्फ़ एक शाइर नहीं थे, बल्कि उर्दू-फ़ारसी के बहुत बड़े...

जोश मल्सियानी: दीवान-ए-ग़ालिब की शरह लिखने वाले शायर 

पंडित लभु राम को अदब की दुनिया में सब उन्हें जोश मल्सियानी के नाम से जानते हैं। 1 फ़रवरी 1884 को जालंधर के मल्सियान...

क़ैस जालंधरी: पंजाब का वो शाइर जिसने अपनी सरज़मीन को जन्नत से बरतर कहा

समर चन्द ने अदब की दुनिया में "क़ैस जालंधरी" के तख़ल्लुस से शोहरत पाई। साल 1904 में पैदा हुए...

आग़ा जानी कश्मीरी: उर्दू अदब और बॉलीवुड के दरमियान एक नाम

बॉलीवुड की शुरुआती फ़िल्मों में जब भी साहित्यिक और शायराना अंदाज़ की बात होती है, तो आग़ा जानी कश्मीरी...

जुरअत क़लंदर बख़्श: लखनवी शायरी के एक नए रंग का शायर

उर्दू शायरी की दुनिया में जुरअत का नाम एक ऐसे शायर के तौर पर लिया जाता है, जिन्होंने ग़ज़ल...

कुंवर महेन्द्र सिंह: जिनकी शायरी में मोहब्बत, इंसानियत और हिंदुस्तानी तहज़ीब की ख़ुशबू 

उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ शायर ऐसे है जिनकी पहचान सिर्फ़ उनके अशआर से नहीं, बल्कि उनकी शख़्सियत...

हसरत मोहानी: जब इंक़लाब के शायर को भा गई कान्हा की बांसुरी

कृष्ण को देखने और समझने के अंदाज़ अलग-अलग हो सकते हैं। कोई उन्हें भगवान मानकर पूजता है, कोई प्रेम...

कृष्ण एक नाम, कई नज़रिए… जब उर्दू शायरों ने कान्हा को अपने अल्फ़ाज़ में उतारा

कृष्ण सिर्फ़ एक धार्मिक आस्था का नाम नहीं हैं। वो मोहब्बत हैं, हुस्न हैं, शरारत हैं, उम्मीद हैं और...