Sunday, July 12, 2026
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शायर

रईस अमरोहवी: अल्फ़ाज़ से फ़िक्र की दुनिया रौशन करने वाले शायर 

उर्दू अदब की दुनिया में रईस अमरोहवी का नाम बड़े एहतराम से लिया जाता है। उनका असली नाम सैयद मुहम्मद मेहदी था। उनकी पैदाइश...

दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म ‘सतलुज’ और भाई जसवंत सिंह खालड़ा: पंजाब के पुराने ज़ख्मों को ज़िम्मेदारी से समझने की ज़रूरत

दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म "सतलुज" (जिसे पहले "पंजाब '95" के नाम से जाना जाता था) डिजिटल रिलीज़ के महज़ 48 घंटे के अंदर ZEE5...

सैय्यद अहमदउल्लाह क़ादरी: उर्दू अदब, सहाफ़त और क़ौमी यकजहती के अलमबरदार     

उर्दू अदब और सहाफ़त की दुनिया में लिसान-उल-मुल्क सैय्यद अहमदउल्लाह क़ादरी का नाम बड़े एहतराम से लिया जाता है।...

बेख़ुद देहलवी: दाग़ की रिवायत, दिल्ली की ज़बान और इश्क़ की ख़ूबसूरत शायरी

"आइना देख कर वो ये समझेमिल गया हुस्न-ए-बे-मिसाल हमें।" यह शेर पढ़ते ही उर्दू शायरी की वह नफ़ासत और दिलकशी...

जाज़िब क़ुरैशी: उर्दू शायरी की महक से महफ़िलें सजाने वाला फ़नकार 

"तेरी यादों की चमकती हुई मशअल के सिवा,मेरी आंखों में कोई और उजाला ही नहीं।" यह शेर मशहूर उर्दू शायर...

माहिरुल क़ादरी: जिनकी शायरी आज भी दिलों पर दस्तक देती है, सुनाते हो किसे अहवाल ‘माहिर’… 

"इक बार तुझे अक़्ल ने चाहा था भुलाना,सौ बार जुनूं ने तिरी तस्वीर दिखा दी।" यह शेर माहिरुल क़ादरी की...

हिमायत अली शायर: जिनकी कलम ने मोहब्बत और वतन दोनों को आवाज़ दी

उर्दू अदब की दुनिया में पहचान सिर्फ़ उनके अशआर से नहीं बल्कि उनके पूरे फ़िक्र, अंदाज़-ए-बयां और इंसानी सोच...

दिलावर फ़िगार: हंसते-हंसाते समाज का आईना दिखाने वाले शायर 

उर्दू अदब में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने लोगों को सिर्फ़ हंसाया नहीं, बल्कि हंसी के पर्दे में समाज...