Sunday, June 7, 2026
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Mohd Saboor Ali

मौलाना मोहम्मद अली जौहर: एक शायर, जिसकी कलम से उठी आज़ादी की आवाज़

जब हिंदुस्तान अंग्रेज़ी हुकूमत की ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब कुछ लोग तलवार लेकर मैदान में उतरे, कुछ...

उर्दू की क़दीमी दास्तानगोई में कैसे बसती है हिंदुस्तान की तहज़ीब और समाज की तस्वीर

हर शहर की अपनी एक कहानी होती है कुछ कहानियां वक़्त की गर्द में खो जाती हैं, तो कुछ...

साक़िब लखनवी : “बड़े शौक़ से सुन रहा था ज़माना…” दर्द, तन्हाई और एहसास के शायर 

उर्दू अदब की तारीख़ में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनकी शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का खेल नहीं होती, बल्कि...

अब्दुर्रहमान मोमिन: “चांद में तुझे देखा था…” नई नस्ल की शायरी का चमकता नाम 

उर्दू अदब की नई पीढ़ी में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी पहचान बना ली।...

 मोहम्मद हुसैन आज़ाद: “आब-ए-हयात” से उर्दू को नई ज़िंदगी देने वाले शायर

उर्दू अदब की तारीख़ में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ़ किताबें नहीं लिखीं, बल्कि पूरी तहज़ीब और ज़बान...

बेख़ुद बदायूंनी: दाग़ देहलवी के शागिर्द, मोहब्बत और रूहानियत को शेरों में पिरोने वाले शायर

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनकी शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का खेल नहीं बल्कि एहसास,...
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उर्दू मर्सिए को नई बुलंदी देने वाले मिर्ज़ा सलामत अली दबीर की दिलचस्प दास्तान

उर्दू अदब की दुनिया में जब भी मर्सिया निगारी का ज़िक्र होता है, तो दो नाम सबसे पहले ज़ेहन...

सिराज औरंगाबादी: इश्क़, दीवानगी और सूफ़ियाना रूह का शायर

सिराज औरंगाबादी उर्दू अदब की तारीख़ में एक ऐसी शख़्सियत है, जिनकी ज़िंदगी खुद एक दास्तान लगती है। उनका...

अलीना इतरत: जुगनू, तन्हाई और यादों की शायरा, अभी तो चाक पे जारी है रक़्स मिट्टी का…

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं, जो सिर्फ़ सुनाई नहीं देतीं बल्कि दिल में उतर...

क़तील शिफ़ाई: मोहब्बत को शायरी का सबसे ख़ूबसूरत लहजा देने वाला शायर

“जब भी आता है मिरा नाम तिरे नाम के साथ,जाने क्यूं लोग मिरे नाम से जल जाते हैं।” उर्दू शायरी...

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूं मैं।”अब्दुल बारी...

वहीद जहां बेग़म: तालीम के ज़रिए समाज बदलने वाली शख़्सियत

उर्दू अदब और हिंदुस्तान की तालीमी तारीख़ में कुछ नाम ऐसे हैं, जो ख़ामोशी से काम करते हुए भी...