Monday, July 13, 2026
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Mohd Saboor Ali

मख़मूर सईदी: उर्दू अदब का संजीदा और फ़िक्रमंद शायर

उर्दू शायरी की दुनिया में मख़मूर सईदी का नाम उन शायरों में शुमार किया जाता है, जिन्होंने अपनी सादा...

हबीब जालिब: अवाम की आवाज़ और इंक़िलाब का शायर

उर्दू अदब में जब भी ऐसे शायरों का ज़िक्र होता है जिन्होंने अपनी शायरी को सिर्फ़ इश्क़ और हुस्न...

रईस अमरोहवी: अल्फ़ाज़ से फ़िक्र की दुनिया रौशन करने वाले शायर 

उर्दू अदब की दुनिया में रईस अमरोहवी का नाम बड़े एहतराम से लिया जाता है। उनका असली नाम सैयद...

सैय्यद अहमदउल्लाह क़ादरी: उर्दू अदब, सहाफ़त और क़ौमी यकजहती के अलमबरदार     

उर्दू अदब और सहाफ़त की दुनिया में लिसान-उल-मुल्क सैय्यद अहमदउल्लाह क़ादरी का नाम बड़े एहतराम से लिया जाता है।...

बेख़ुद देहलवी: दाग़ की रिवायत, दिल्ली की ज़बान और इश्क़ की ख़ूबसूरत शायरी

"आइना देख कर वो ये समझेमिल गया हुस्न-ए-बे-मिसाल हमें।" यह शेर पढ़ते ही उर्दू शायरी की वह नफ़ासत और दिलकशी...

जाज़िब क़ुरैशी: उर्दू शायरी की महक से महफ़िलें सजाने वाला फ़नकार 

"तेरी यादों की चमकती हुई मशअल के सिवा,मेरी आंखों में कोई और उजाला ही नहीं।" यह शेर मशहूर उर्दू शायर...
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माहिरुल क़ादरी: जिनकी शायरी आज भी दिलों पर दस्तक देती है, सुनाते हो किसे अहवाल ‘माहिर’… 

"इक बार तुझे अक़्ल ने चाहा था भुलाना,सौ बार जुनूं ने तिरी तस्वीर दिखा दी।" यह शेर माहिरुल क़ादरी की...

हिमायत अली शायर: जिनकी कलम ने मोहब्बत और वतन दोनों को आवाज़ दी

उर्दू अदब की दुनिया में पहचान सिर्फ़ उनके अशआर से नहीं बल्कि उनके पूरे फ़िक्र, अंदाज़-ए-बयां और इंसानी सोच...

दिलावर फ़िगार: हंसते-हंसाते समाज का आईना दिखाने वाले शायर 

उर्दू अदब में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने लोगों को सिर्फ़ हंसाया नहीं, बल्कि हंसी के पर्दे में समाज...

जीलानी बानो: हैदराबाद की रूह को क़लम में उतारने वाली अफ़सानानिगार

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनकी तहरीरें सिर्फ़ काग़ज़ पर लिखे हुए अल्फ़ाज़ नहीं...

मुज़फ़्फ़र अली: एक फ़िल्मकार नहीं, तहज़ीब, इंसानियत और शायरी की ज़िंदा दास्तान

कुछ लोग फ़िल्में बनाते हैं और कुछ लोग फ़िल्मों के ज़रिए अपनी रूह की आवाज़ दुनिया तक पहुंचाते हैं।...

जदीद उर्दू फ़िक्शन का बादशाह: मुंशी प्रेमचंद की क़लम जिसने समाज का आईना दिखाया

"बेहतरीन अफ़साना वही है जिसकी बुनियाद इंसानी नफ़्सियात पर रखी जाए। कोई इंसान मुकम्मल तौर पर बुरा नहीं होता,...