Tuesday, September 1, 2026
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संस्कृति

मेघालय की पहचान: जब पहनावा बन जाता है इतिहास,जैनसेम-डाकमंडा खासी और गारो जनजाति की पारंपरिक वेशभूषा

नॉर्थईस्ट के बादलों की गोद में बसा मेघालय, जहां हर बूंद कहानी सुनाती है, हर पहाड़ी रहस्य समेटे है, और हर धागा अपनी माटी...

बाघों का जश्न और पट्टानी मुसलमानों से जुड़ी कहानी, 200 साल पुरानी है Pulikali की दास्तान

ढोल की तेज़ थाप, कमर में बंधी घंटियों की आवाज़, चारों तरफ़ पीले, काले और लाल रंग से सजे चेहरे और शरीर। कोई बाघ...

अजरक: सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर सूफी संगीत, रेगिस्तान की धूप और कारीगर के पसीने की महक

क्या आपने कभी ऐसे कपड़े को देखा है जिसमें नीला आसमान, लाल सूरज, और सफेद तारे एक साथ बसे...

लद्दाख का Suru Summer Festival: कुदरत की गोद में सजी संस्कृति और एडवेंचर का जश्न

लद्दाख की बात हो और सिर्फ़ बर्फ़ से ढके पहाड़ों का ज़िक्र हो, तो कारगिल की सुरू घाटी की...

Baluchari Saree: रेशम पर बुनी गई बंगाल की मिट्टी, मुग़लिया शान और मल्ल राजाओं की वीरगाथा के इतिहास की ज़ुबान

क्या आपने कभी ऐसा लिबास पहना है जो सिर्फ़ ख़ूबसूरत ही न हो, बल्कि अपनी तहों में सदियों का...

राखी के धागे में बंधा भाई-बहन का प्यार, उर्दू शायरों ने भी सजाए जज़्बात

रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्यार और ख़ुलूस का त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी...

Raksha Bhandan पर क्रोशिया राखियां बनाती निज़ामुद्दीन बस्ती की महिलाएं

Raksha Bhandan (रक्षाबंधन) पर आपने बाज़ारों में तरह-तरह की राखियां देखी होंगी। मोतियों और धागों से सजी राखियां और...

पोचम्पल्ली इकत साड़ी: हाथों की करामात,सिर्फ कपड़ा नहीं एक विरासत

जब बात भारतीय पारंपरिक वस्त्रों की हो, तो पोचम्पल्ली की इकत साड़ी (Pochampally Ikat Saree) का नाम सबसे ऊपर...