Thursday, March 5, 2026
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संस्कृति

नज़ीर की मस्ताना आवामी होली और ख़ुसरो की रूहानी इश्क़-ए-हक़ीक़ी होली

जब फ़ागुन की हवा चलती है और रंगों की खुशबू फ़िज़ा में घुल जाती है, तब होली सिर्फ़ एक त्योहार नहीं रहता है वो...

सुदर्शन फ़ाकिर: कम लिखा लेकिन जो भी लिखा क्या ख़ूब लिखा

उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो ढोल नहीं पीटते, मगर दिल पर दस्तक दे जाते हैं। सुदर्शन फ़ाकिर भी...

From Myths to Science: गौहर रज़ा की Book Launch में वैज्ञानिक सोच पर गहरी बातचीत

ज्ञान, जिज्ञासा और इंसानी सोच की ताक़त का जश्न मनाती एक यादगार शाम में गौहर रज़ा की किताब “From...

श्रीनगर में पेपर मेशी की रोशनी: क्रिसमस (Christmas) से जुड़ी कश्मीर की सदियों पुरानी विरासत

श्रीनगर में क्रिसमस (Christmas) की तैयारियां पूरे जोश के साथ चल रही हैं। ठंड के बीच यहां की गलियों में...

30 सालों से क्रिसमस (Christmas) की खुशियां लोगों में बांट रही गुवाहाटी की ये ख़ास दुकान

दिसंबर का महीना आते ही देशभर के बाज़ारों में एक ख़ास तरह की चहल-पहल देखने को मिलती है। हर...

मीर मेहदी मजरूह: ग़ालिब के ‘फ़र्ज़ंद’ और दिल्ली की तहज़ीब के आख़िरी नक़्श

दिल्ली की गलियों में जब कभी उर्दू अदब का ज़िक्र होता है, तो ज़हन में मिर्ज़ा ग़ालिब का नाम...

अनगिनत तबले, एक रिश्ता – ज़ाकिर हुसैन और उनके तबला निर्माता Haridas Ramchandra Vhatkar का सफ़र

महाराष्ट्र के मिराज से मुंबई तक का सफ़र एक ऐसे कारीगर की कहानी है, जिनके हाथों से बने तबलों...

अभिनंदन पांडे: आज के दौर की शायरी में एक संजीदा, ख़ामोश और असरदार आवाज़

उर्दू शायरी की दुनिया हमेशा से जज़्बात, तजुर्बों और सवालों की ज़मीन रही है। हर दौर में कुछ ऐसे...