Sunday, October 18, 2026
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मनोरंजन

रघुबीर यादव के साथ मंथन का ‘बदरा’, जहां अंग्रेज़ी ऑल्ट-पॉप मिलता है बुंदेली लोक संगीत से

लोक संगीत की ख़ासियत है कि वह आम ज़िंदगी के गहरे एहसासों को भी अपने सुरों में पिरो लेता है। कभी बारिश की बूंदों...

नाना पाटेकर: जिसकी आवाज़ से थर्राता था पर्दा, जिसकी खामोशी से कांपती थी महफ़िल

मुंबई की सड़कों पर 35 रुपये महीने के लिए फिल्मों के पोस्टर पेंट करने वाला एक 13 साल का लड़का, जो रोज़ 8 किलोमीटर...

‘Baazi’: 1951 की वो फ़िल्म, जिसने हिंदी सिनेमा में Film Noir का नया अंदाज़ पेश किया

1951 में आई एक ऐसी फ़िल्म, जिसने सिर्फ़ देव आनंद के करियर को नई रफ़्तार नहीं दी, बल्कि हिन्दी...

IFFJK 2026: कश्मीर बना Global Cinema का नया Hotspot! दुनिया भर की हज़ारों फ़िल्में

सदियों से अपने हुस्न, अपनी शिकारों और अपनी ख़ूबसूरती के लिए मशहूर ये घाटी, इन दिनों एक नए किरदार...

जिसकी आवाज़ महफ़िलों पर राज करती थी, वही Rasoolan Bai आख़िर में गुमनाम हो गईं

आज की पीढ़ी ने Rasoolan Bai (रसूलन बाई) का नाम शायद पहली बार संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज़...

बीते दौर की मशहूर पंजाबी लोक गायिका बीबी नूरां की सुरीली आवाज़

ये करीब साल 1974 या 1975 की बात है, जब मैंने पहली बार बीबी नूरां की आवाज़ सुनी। दोपहर...

जिनके आगे राज कपूर ने भी झुकाया सिर,लोककला को नई पहचान देने वाली ‘तमाशा साम्राज्ञी’ विठाबाई नारायणगावकर

 'ईठा' का टीज़र आया और सबको फिर से याद आ गई महाराष्ट्र की वो महान कलाकार जिसने अपनी कला...

विश्व संगीत दिवस: मामे ख़ान, माटी बानी और ताबा चाके कैसे बने भारत की वैश्विक संगीत पहचान

संगीत एक ऐसी ज़ुबान है, जिसे समझने के लिए शब्दों की ज़रूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि किसी...