Tuesday, September 1, 2026
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मेघालय की पहचान: जब पहनावा बन जाता है इतिहास,जैनसेम-डाकमंडा खासी और गारो जनजाति की पारंपरिक वेशभूषा

नॉर्थईस्ट के बादलों की गोद में बसा मेघालय, जहां हर बूंद कहानी सुनाती है, हर पहाड़ी रहस्य समेटे है,...

मुंबई की 152 साल पुरानी करीमी लाइब्रेरी: हिंदू धर्मग्रंथों की फारसी-उर्दू अनुवादों को बचाने की मुहिम

साउथ मुंबई की हलचल भरी सड़क के पार एक सदी पुरानी इमारत में एक खामोश कोशिश जारी है।यह कोशिश...

अजरक: सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर सूफी संगीत, रेगिस्तान की धूप और कारीगर के पसीने की महक

क्या आपने कभी ऐसे कपड़े को देखा है जिसमें नीला आसमान, लाल सूरज, और सफेद तारे एक साथ बसे...

Baluchari Saree: रेशम पर बुनी गई बंगाल की मिट्टी, मुग़लिया शान और मल्ल राजाओं की वीरगाथा के इतिहास की ज़ुबान

क्या आपने कभी ऐसा लिबास पहना है जो सिर्फ़ ख़ूबसूरत ही न हो, बल्कि अपनी तहों में सदियों का...

पोचम्पल्ली इकत साड़ी: हाथों की करामात,सिर्फ कपड़ा नहीं एक विरासत

जब बात भारतीय पारंपरिक वस्त्रों की हो, तो पोचम्पल्ली की इकत साड़ी (Pochampally Ikat Saree) का नाम सबसे ऊपर...

बंगाल की रूह तांत साड़ी : ममता बनर्जी से लेकर शेख़ हसीना तक की फेवरेट 

आज के रंगीन और चकाचौंध भरे दौर में, जहां हर दुल्हन कस्टमाज़ वेडिंग ड्रेस के पीछे दीवानी दिखती है,...
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Maheshwari Fabric: रानी का ख़्वाब, बुनकरों की मेहनत और इतिहास का रेशमी सफ़र

नर्मदा नदी के किनारे बसा माहेश्वर, मध्य प्रदेश का वो शहर जहा हथकरघा सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि सदियों की...

नौवारी साड़ी: योद्धा रानियों का वेश,मॉडर्न मराठी दुल्हन की पहचान

आपने कभी महाराष्ट्रीयन शादी देखी होगी... या गणेश चतुर्थी का उत्सव... या फिर किसी दुल्हन को बेपनाह भरोसे के...

मुगा सिल्क: सोने जैसे चमकती असम की विरासत, दुल्हनों के लिए सुनहरा तोहफ़ा   

अगर सिल्क की बात हो, तो ज़हन में रेशम या बनारसी साड़ी आती है, लेकिन भारत के पास एक...

Victoria Memorial: कोलकाता की रूह, जहां मिलते हैं माज़ी और मुस्तक़बिल

कोलकाता (Kolkata) के दिल में, जहां ऐतिहासिक मैदान Queensway से मिलता है, वहां खड़ा है विक्टोरिया मेमोरियल (Victoria Memorial)।...

बिहार की सुजनी कढ़ाई: कपड़े पर बुनती कहानियां, ख़्वाब और पहचान

बिहार के गांवों में जब कोई नन्हा मेहमान आता था, तो मां-बहनें पुरानी साड़ियों और धोतियों को सी-सीकर एक...

कालीघाट पेंटिंग: जब ब्रश ने समाज का आईना बनकर इतिहास लिखा

कलकत्ता (कोलकाता) के कालीघाट मंदिर (The Kalighat Temple in Kolkata) के आस-पास 19वीं सदी में जन्मी कालीघाट पेंटिंग (Kalighat...