Sunday, May 31, 2026
29.1 C
Delhi

पंजाब यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक को बढ़ावा देने के लिए कनाडा यूनिवर्सिटी के साथ की साझेदारी

भारत और कनाडा ने पिछले हफ़्ते कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) की भारत यात्रा के दौरान अपने विश्वविद्यालयों के बीच 13 नई शैक्षणिक साझेदारियों की घोषणा की। इसका मकसद दोनों देशों के बीच पढ़ाई और रिसर्च के क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत करना है।

इन समझौतों में पंजाब यूनिवर्सिटी (Panjab University) ने कनाडा की फ्रेज़र वैली यूनिवर्सिटी (University of the Fraser Valley) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करना और रिसर्च के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।

पहले से चल रहे सहयोग को आगे बढ़ाते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) और ओंटारियो की एल्गोमा यूनिवर्सिटी (Algoma University) ने भी अकादमिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसमें रिसर्च सहयोग, छात्रों और शिक्षकों का आदान-प्रदान और शॉर्ट-टर्म या समर कोर्स शामिल होंगे। इस पार्टनरशिप के तहत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशन और मैनेजमेंट विभाग के योग्य छात्र सीधे एल्गोमा यूनिवर्सिटी के तय कार्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे।

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (O.P. Jindal Global University) ने भी यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया (University of British Columbia) और चार अन्य कनाडाई विश्वविद्यालयों के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए, ताकि छात्रों और शिक्षकों के आदान-प्रदान को बढ़ाया जा सके।

इसके अलावा कई और संस्थानों के बीच सहयोग की घोषणा हुई। डलहौजी यूनिवर्सिटी (Dalhousie University) के साथ मिलकर आईआईटी तिरुपति (IIT Tirupati) और आईआईएसईआर तिरुपति (IISER Tirupati) के साथ एक इनोवेशन कैंपस बनाने की योजना है। साथ ही भारत में यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो (University of Toronto) और मैकगिल यूनिवर्सिटी (McGill University) के नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की भी योजना है।

ये सभी समझौते कनाडा-भारत जॉइंट टैलेंट एंड इनोवेशन स्ट्रैटेजी (Canada–India Joint Talent and Innovation Strategy) का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य पढ़ाई और रिसर्च में सहयोग बढ़ाना और दोनों देशों में नए आइडिया और तकनीक के माहौल को मज़बूत करना है। इसी के तहत यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो (University of Toronto) और भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु (Indian Institute of Science – IISc) के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित एक समझौता भी हुआ है। इसके ज़रिए टेमर्टी सेंटर फॉर एआई रिसर्च एंड एजुकेशन इन मेडिसिन (Temerty Centre for AI Research and Education in Medicine) और अन्य शोधकर्ता मिलकर काम कर सकेंगे।

शिक्षा लंबे समय से भारत और कनाडा के लोगों को जोड़ने का एक मज़बूत ज़रिया रही है। कार्नी की यात्रा के दौरान इस पर फिर से ज़ोर दिया गया। कनाडा ने ग्लोबलिंक रिसर्च इंटर्नशिप (Globalink Research Internship) कार्यक्रम के तहत 300 छात्रवृत्तियों की घोषणा की। यह भारत की ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) और कनाडा के MITACS के बीच साझेदारी है।

इन छात्रवृत्तियों के तहत भारतीय स्नातक छात्रों को कनाडा के विश्वविद्यालयों में 12 हफ्तों की पूरी तरह फंडेड रिसर्च इंटर्नशिप करने का मौक़ा मिलेगा। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो (University of Toronto) ने भारतीय छात्रों के लिए 200 पूरी तरह फंडेड स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा की है।

आज कनाडा में 18 लाख से ज़्यादा भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। वहीं 4 लाख से ज़्यादा भारतीय छात्र कनाडा के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसलिए दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ़ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक तौर पर भी काफ़ी मज़बूत हैं।

दोनों लोकतांत्रिक देशों के विश्वविद्यालयों के बीच हुए ये नए समझौते शिक्षा, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने की उम्मीद पैदा करते हैं। ऐसे समय में जब दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक बदलाव तेज़ी से हो रहे हैं, भारत और कनाडा के बीच एक मज़बूत और आगे की सोच वाली पार्टनरशिप दोनों देशों के लिए फ़ायदेमंद होने के साथ-साथ रणनीतिक रूप से भी बहुत अहम साबित हो सकती है।

ये भी पढ़ें: Lady Meherbai Tata: बाल विवाह के ख़िलाफ जंग से लेकर साड़ी पहन टेनिस जीतने वाली ‘Brand Ambassador’ ऑफ इंडिया

इस आर्टिकल को English में पढ़ें

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

शिवानी रावत
शिवानी रावत
शिवानी रावत एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें रणनीतिक मामलों पर गहरी पकड़ है। तीन दशक से ज़्यादा के अपने करियर में देश-विदेश की प्रमुख अख़बारों और मैगज़ीन के लिए महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

रोगाणुओं की प्रतिरोध क्षमता का एआई के ज़रिये मुकाबला

यू.एस. सेंटर्स फ़ॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन भारत के...

भारत की ‘Tea City of India’: जिसकी चाय की चुस्कियां पूरी दुनिया लेती है

भारत में चाय (Tea) लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी...

Topics

रोगाणुओं की प्रतिरोध क्षमता का एआई के ज़रिये मुकाबला

यू.एस. सेंटर्स फ़ॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन भारत के...

भारत की ‘Tea City of India’: जिसकी चाय की चुस्कियां पूरी दुनिया लेती है

भारत में चाय (Tea) लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी...

उत्तराखंड की ट्रेडिशनल थाली: पहाड़ों की रूह, ज़ायकों का जश्न

ज़रा सोचिए... सुबह का वक़्त है। सामने बर्फ़ से...

Padma Shri 2026: 30 हज़ार शो, गायों की सेवा और Mir Haji Kasam का सफ़र

कुछ लोग अपनी बातों से पहचाने जाते हैं और...

Related Articles

Popular Categories