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Seerat Tariq: Tribal Art से Influencer Book of World Records में नाम दर्ज कराने वाली कश्मीरी आर्टिस्ट

कला सिर्फ़ रंग और चित्रों का खेल नहीं होती, बल्कि ये संस्कृति, इतिहास और समाज की कहानी भी बयां करती है। भारत और ख़ासकर कश्मीर में कई युवा आर्टिस्ट हैं, जो अपनी मेहनत और लगन से दुनिया में अलग पहचान बना रहे हैं। ऐसी ही एक युवा कलाकार हैं “Seerat Tariq”। बांदीपोरा, कश्मीर की सीरत ने Tribal Art में गोल्ड मेडल जीतकर और Influencer Book of World Records में नाम दर्ज कराया है।

बांदीपोरा की बेटी जिसने बनाया इतिहास

कश्मीर के बांदीपोरा की युवा कलाकार Seerat Tariq कश्मीर की पहली लड़की है जिन्हे Tribal Art में Gold Medal जीता और Influencer Book of World Records में अपना नाम दर्ज कराया। Seerat Tariq का ये कारनामा न सिर्फ़ उनके लिए बल्कि पूरे कश्मीर की कला और संस्कृति के लिए गर्व का पल है। उनके काम ने ये साबित कर दिया कि अगर जूनून, मेहनत और मक़सद हो तो कोई भी सपना सच किया जा सकता है।

एक ही दिन में 104 पेंटिंग्स का कमाल

Seerat Tariq ने 2022 में India Book of Records में भी रिकॉर्ड बनाया था, जिसमें उन्होंने दो दिन में 104 पेंटिंग्स तैयार की थीं। Seerat ने अपनी लगन और क्रिएटिविटी के ज़रिए एक ही दिन में 104 पेंटिंग्स बनाई, जिनमें कश्मीर की Tribal Art और कल्चर की ख़ूबसूरती को पूरी दुनिया के सामने पेश किया गया। ये पेंटिंग्स सिर्फ़ कला नहीं थीं, बल्कि कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत और कलाकारों की मेहनत की झलक भी थी। इसके अलावा उन्होंने Meme Asia Book of Records और India Passion Star Award भी हासिल किया।

शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय मंच तक

Seerat ने अपनी शुरुआती पढ़ाई आर्मी गुड स्कूल, बांदीपोरा से की। उन्होंने नर्सरी से 10वीं तक की एजुकेशन वहीं पूरी की। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई गर्ल्स हायर सेकेंडरी बांदीपोरा से की। हाल ही में उन्होंने कॉलेज में दाख़िला लिया है और अभी उनका दूसरा सेमेस्टर चल रहा है। Seerat Tariq ने बताया कि उनकी कला का मक़सद कश्मीर की Tribal Art को प्रमोट करना और समाज के उन हिस्सों को दिखाना है जिन पर ज़्यादा ध्यान नहीं जाता।

Seerat पहले पोर्ट्रेट्स, नेचर पेंटिंग्स और कैलीग्राफ़ी में माहिर थी। लेकिन उन्होंने महसूस किया कि समाज और कलाकारों के बीच एक ऐसा हिस्सा है, जिस पर ज़्यादा ध्यान नहीं जाता। उन्होंने ये चुनकर Tribal Art पर फोकस किया ताकि उनकी पेंटिंग्स के ज़रिए इसे लोगों तक पहुंचाया जा सके। उनका मक़सद है कि उनके काम से Tribal communities को एक मंच मिले और वे आगे बढ़ सकें।

मेहनत, संघर्ष और परिवार का सपोर्ट

Seerat Tariq को बचपन से ही पेंटिंग का शौक़ था। उन्हें रंगों के साथ खेलना और अपने विचारों को कैनवास पर उतारना बहुत पसंद था। सातवीं क्लास में उन्हें थोड़ा ज़्यादा समय मिला और COVID-19 के दौरान भी उनके पास अपनी कला को निखारने का मौका था। इस दौरान उन्होंने अपनी स्किल्स डेवलप कीं और नई तकनीकें सीखी, जैसे कि कैलीग्राफ़ी और पोर्ट्रेट्स बनाना।

शुरुआत में कई लोग उन्हें नकार देते थे। उन्होंने कहा कि पेंटिंग से कोई भविष्य नहीं है, स्कूल पर ध्यान दो। लेकिन Seerat Tariq के मां-बाप ने हमेशा उनका साथ दिया। धीरे-धीरे उनके काम की सराहना होने लगी। जब उन्होंने India Book of Records में रिकॉर्ड बनाया, तब कई लोगों ने कहा कि ये अवॉर्ड सिर्फ़ घर पर ही रहेगा, लेकिन Seerat Tariq ने अपनी मंज़िल पर फोकस बनाए रखा और मेहनत जारी रखी। आज वही लोग उन्हें सराहना देते हैं और उनके काम से प्रेरित होकर अपने बच्चों को भी कला की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

Seerat Tariq का संदेश

Seerat का कहना है कि अगर किसी को पेंटिंग, आर्ट या कैलीग्राफ़ी में दिलचस्पी है, तो उसे अपने टैलेंट को आगे बढ़ाना चाहिए। शुरुआत में कठिनाइयां आएंगी, लेकिन मेहनत और सबर से किसी भी ख़्वाब को पूरा किया जा सकता है। अगर आपको कोई सपोर्ट नहीं करता है, तो भी अपने सपनों को मत छोड़िए। अपने जुनून के पीछे लगातार मेहनत करें और धीरे-धीरे अपने टैलेंट को बूस्ट करें।

Seerat Tariq की पेंटिंग्स सिर्फ़ खूबसूरती दिखाने के लिए नहीं हैं, बल्कि समाज को Tribal communities की तरफ ध्यान दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश हैं। वे चाहती हैं कि उनके काम के जरिए ऐसे कलाकार और समुदायों को भी पहचाने जाएं जिन्हें पहले ज़्यादा महत्व नहीं दिया गया। उनका सपना है कि उनकी कला से समाज में जागरूकता और सम्मान बढ़े।

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