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पिता चलाते हैं ट्रक, बेटी Fairuz Fatima ने UPSC में दर्ज की कामयाबी

कभी सड़कों पर दिन-रात ट्रक चलाकर घर चलाने वाले पिता ने शायद ही सोचा होगा कि एक दिन उनकी बेटी पूरे इलाके का नाम रोशन कर करेगी। उत्तराखंड के ज़िले हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र की रहने वाली Fairuz Fatima ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के एग्ज़ाम 2025 में 708वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे इलाके को फख्र से भर दिया है। जैसे ही रिज़ल्ट सामने आया, उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई। Fairuz Fatima जब अपने घर पिरान कलियर पहुंची, तो लोगों ने उनका बेहद गर्मजोशी से इस्तकबाल किया।

पिता की मेहनत और बेटी का हौसला

Fairuz Fatima के वालिद इक़बाल अहमद पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं। उन्होंने अपनी ज़िंदगी का ज़्यादातर वक्त सड़कों पर गाड़ी चलाते हुए गुज़ारा है। घर की माली हालत बहुत मज़बूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने कभी अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने हर मुश्किल में अपनी बेटी का हौसला बढ़ाया। पिता की मेहनत और भरोसे ने ही Fairuz Fatima को आगे बढ़ने की ताक़त दी।

2018 से शुरू हुआ लंबा सफ़र

Fairuz Fatima ने साल 2018 में UPSC की तैयारी शुरू की थी। शुरुआत में उन्होंने Unacademy से दो साल तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दृष्टि संस्थान में दाखिला लेकर अपनी तैयारी को और मज़बूत किया। लेकिन ये सफ़र आसान नहीं था। उन्हें तीन बार असफलता का सामना करना पड़ा। कई बार नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आए, मगर उन्होंने हार नहीं मानी। हर बार वो और ज़्यादा मेहनत के साथ वापस तैयारी में जुट गई।

चौथे प्रयास में मिली कामयाबी

आख़िरकार आठ साल की लगातार मेहनत और सब्र के बाद चौथे प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई। UPSC जैसी मुश्किल एग्ज़ाम में 708वीं रैंक हासिल करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। उनकी ये कामयाबी सिर्फ एक एग्ज़ाम पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि ये हिम्मत, सब्र और परिवार के साथ की कहानी भी है। Fairuz Fatima अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं।

उनका कहना है कि इस सफ़र में जितनी मेहनत उन्होंने की, उतनी ही उनके माता-पिता ने भी तकलीफ़ें झेली हैं। उनके पिता ने गाड़ी चलाकर मेहनत की ताकि वो अच्छी तालीम हासिल कर सके और अपने सपनों को पूरा कर सके। फ़ैरुज़ का कहना है कि अगर इंसान लगातार मेहनत करता रहे और सब्र बनाए रखे, तो कामयाबी देर से सही लेकिन ज़रूर मिलती है।

पहले RBI में मिली थी नौकरी

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलचस्प बात ये है कि साल 2024 में Fairuz Fatima का सिलेक्शन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में डिप्टी मैनेजर के पद पर भी हो चुका है और फिलहाल वो वहीं काम कर रही हैं। अब UPSC में सफलता मिलने के बाद उनके सामने एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में काम करने का नया रास्ता खुल गया है। Fairuz Fatima सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेलों में भी आगे रही हैं। वो उत्तराखंड की रग्बी खिलाड़ी के तौर पर भी जानी जाती हैं।

Fairuz Fatima की ये कहानी आज सिर्फ उनके परिवार की खुशी नहीं है, बल्कि पूरे पिरान कलियर और हरिद्वार के युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है। लिमिटिड सोर्सिस के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की उनकी कहानी ये बताती है कि अगर इरादा मज़बूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं रहती।

ये भी पढ़ें: UPSC रैंक 131: कश्मीर के Mohammad Muneeb Bhat की सात साल की मेहनत और हौसले की कहानी

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