Monday, September 7, 2026
34 C
Delhi

मुस्लिम समाज में विरासत: इस्लाम धर्म की उपेक्षित पहल

मुस्लिम समाज में विरासत के महत्व की कमी है, जबकि इस्लाम धर्म में विरासत को महत्व दिया गया है। विरासत संपत्ति का अवधारणात्मक हस्तांतरण है, जहां मृतक की संपत्ति उत्तराधिकारियों को सौंपी जाती है। संपत्ति, चाहे वह चली जाए या अचल हो, एक संपत्ति है, लेकिन यह मृतक के कब्जे में होती है। यदि इसे रखने वाला विरासत ले लेता है, तो उसे वापस कर दिया जाता है।

हमारे समाज में लड़कियों को विरासत लेने पर भी असुरक्षित महसूस होता है, क्योंकि उन्हें मायके वाले ताल्लुकात खत्म करने का डर रहता है। विरासत के महत्व को कुरान ए पाक में बहुतायत आयतों से जाना जा सकता है। वारिस वह कहलाता है जो खूनी रिश्तेदार हो, मृत्यु के समय जिंदा हो या गर्भवती में बच्चा हो।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: आयुषी सिंह UP PCS पास कर DSP बनीं, कैसे की थी पढ़ाई?

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

चमकौर से Machhiwara तक: दशमेश पिता का तारीख़ी सफ़र

दिसंबर 1704 ईस्वी की कड़ाके की ठंड वाली पोह...

आग़ा जानी कश्मीरी: उर्दू अदब और बॉलीवुड के दरमियान एक नाम

बॉलीवुड की शुरुआती फ़िल्मों में जब भी साहित्यिक और...

धारवाड़ की कसूती कढ़ाई: हाथों की करामात, चालुक्य काल की पहचान

कर्नाटक की हरी-भरी पहाड़ियों और मैदानों के बीच बसा...

Topics

चमकौर से Machhiwara तक: दशमेश पिता का तारीख़ी सफ़र

दिसंबर 1704 ईस्वी की कड़ाके की ठंड वाली पोह...

आग़ा जानी कश्मीरी: उर्दू अदब और बॉलीवुड के दरमियान एक नाम

बॉलीवुड की शुरुआती फ़िल्मों में जब भी साहित्यिक और...

धारवाड़ की कसूती कढ़ाई: हाथों की करामात, चालुक्य काल की पहचान

कर्नाटक की हरी-भरी पहाड़ियों और मैदानों के बीच बसा...

जुरअत क़लंदर बख़्श: लखनवी शायरी के एक नए रंग का शायर

उर्दू शायरी की दुनिया में जुरअत का नाम एक...

Related Articles

Popular Categories