Saturday, July 4, 2026
35 C
Delhi

इंटरनेट: डिमेंशिया के जोखिम को कम करने वाला एक कारगर उपाय

डिमेंशिया (Dementia) के जोखिम को कम करने वाला एक कारगर उपाय| अमेरिकी वृद्ध लोगों पर आधारित अध्ययन ने दिखाया कि नियमित इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोगों में डिमेंशिया के खतरे में कमी हो सकती है। यह रोग 60 साल की आयु के बाद अधिक प्रभावी होता है जहां याददाश्त, निर्णय लेना और समस्याओं का हल करना कठिन होता है।

इंटरनेट वृद्धों को मानसिक स्टिमुलेशन प्रदान करने, सामाजिक संपर्क बनाए रखने और मानसिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए, नियमित इंटरनेट का उपयोग डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए अमर उजाला पर जाएं।

ये भी पढ़ें: हमारे अमरोहा के कमाल अमरोही

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

महान तपस्वी बाबा जवंद सिंह जी की जीवन कहानी!

गुरु नानक पातशाह के सर्वोच्च सिद्धांत “काम करो, नाम...

सिंधु घाटी की ‘पासपोर्ट मुहरें’: 4000 साल पुरानी पहचान की कहानी

आज पूरे देश में पासपोर्ट को लेकर जंग छिड़ी...

Topics

महान तपस्वी बाबा जवंद सिंह जी की जीवन कहानी!

गुरु नानक पातशाह के सर्वोच्च सिद्धांत “काम करो, नाम...

तिलोकचंद महरूम: इंसानियत, वतनपरस्ती और मोहब्बत की शायरी का रोशन नाम

"मंदिर भी साफ़ हम ने किए मस्जिदें भी पाकमुश्किल...

खेल कूटनीति: बास्केट बॉल से अमेरिका-भारत निकटता

नई दिल्ली में आयोजित फ्रीडम 250 “स्लैम डंक एक्सपीरियंस”...

Related Articles

Popular Categories