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जम्मू-कश्मीर में CRPF की पहल, ज़रूरतमंद बच्चों के लिए शुरू हुई मुफ़्त Job-Oriented Coaching

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा ज़िले के पंपोर इलाके में Central Reserve Police Force (CRPF) ने ज़रूरतमंद बच्चों और नौजवानों के लिए एक अहम पहल शुरू की है। CRPF ने अपने सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत Lethpora में मुफ़्त Job-Oriented Coaching क्लासेस का आगाज़ किया है। इस पहल का मक़सद उन बच्चों और युवाओं को तालीम और बेहतर रोज़गार के मौक़े देना है, जो आर्थिक परेशानियों की वजह से अच्छी कोचिंग और सही रहनुमाई हासिल नहीं कर पाते।

इस प्रोग्राम का उद्घाटन कमांडिंग ऑफ़िसर बी. आर. मीणा ने किया। इस मौक़े पर CRPF के कई अफ़सर, इलाके के बुज़ुर्ग, समाजी शख़्सियतें और बड़ी तादाद में स्थानीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे नौजवानों के बेहतर मुस्तक़बिल की तरफ़ एक अच्छा क़दम बताया।

Image: PB Shabd

110 बटालियन CRPF की तरफ से शुरू की गई इन क्लासेस में फिलहाल क़रीब 50 बच्चों को शामिल किया गया है। यहां बच्चों को प्रतियोगी इम्तिहानों की तैयारी कराई जाएगी। साथ ही उन्हें नौकरी और करियर से जुड़ी रहनुमाई भी दी जाएगी, ताकि वो अपने पैरों पर खड़े हो सकें और बेहतर ज़िंदगी की तरफ बढ़ सकें। अफ़सरों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस पहल से और भी बच्चों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी।

इस दौरान एक CRPF जवान ने बताया कि यूथ को Job-Oriented Coaching के ज़रिए ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान तीन दिन लिखित तैयारी कराई जाएगी, जबकि दो दिन फिज़िकल ट्रेनिंग होगी। उन्होंने बताया कि इस Job-Oriented Coaching में वो लड़के और लड़कियां शामिल हो रहे हैं, जो नौकरी पाने में दिलचस्पी रखते हैं और अपने मुस्तक़बिल को बेहतर बनाना चाहते हैं।

Image: PB Shabd

उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल इस प्रोग्राम से तीन टीचर जुड़े हुए हैं, जो अपने-अपने सब्जेक्ट में बेहद क़ाबिल हैं। ये कोचिंग करीब छह महीने तक चलेगी, जिसमें 50 बच्चों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उनका कहना था कि इस पहल के पीछे मक़सद सिर्फ़ पढ़ाई कराना नहीं, बल्कि समाज में एक पॉज़िटिव बदलाव लाना भी है।

बी. आर. मीणा ने कहा कि CRPF सिर्फ़ अमन और सुरक्षा बनाए रखने का काम ही नहीं करती, बल्कि समाजी तरक़्क़ी और नौजवानों के बेहतर मुस्तक़बिल के लिए भी लगातार कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि तालीम ही वो रास्ता है, जो नौजवानों को बेहतर ज़िंदगी और क़ामयाबी की तरफ़ ले जा सकता है।

ये भी पढ़ें: UPSC रैंक 131: कश्मीर के Mohammad Muneeb Bhat की सात साल की मेहनत और हौसले की कहानी

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