Thursday, September 10, 2026
36 C
Delhi

Tag: Unity

हुनर को बाज़ार और ज़रूरतमंदों की मदद, Mansimar Kaur के जज़्बे की कहानी

चंडीगढ़ की रहने वाली एक स्टूडेंट Mansimar Kaur (मानसिमर कौर) के लिए समाजी ख़िदमत कोई अचानक शुरू की गई...

चमकौर से Machhiwara तक: दशमेश पिता का तारीख़ी सफ़र

दिसंबर 1704 ईस्वी की कड़ाके की ठंड वाली पोह की रातें थी। गुरु गोबिंद सिंह जी, जिनके साथ कभी...

बाघों का जश्न और पट्टानी मुसलमानों से जुड़ी कहानी, 200 साल पुरानी है Pulikali की दास्तान

ढोल की तेज़ थाप, कमर में बंधी घंटियों की आवाज़, चारों तरफ़ पीले, काले और लाल रंग से सजे...

लद्दाख का Suru Summer Festival: कुदरत की गोद में सजी संस्कृति और एडवेंचर का जश्न

लद्दाख की बात हो और सिर्फ़ बर्फ़ से ढके पहाड़ों का ज़िक्र हो, तो कारगिल की सुरू घाटी की...

Raksha Bhandan पर क्रोशिया राखियां बनाती निज़ामुद्दीन बस्ती की महिलाएं

Raksha Bhandan (रक्षाबंधन) पर आपने बाज़ारों में तरह-तरह की राखियां देखी होंगी। मोतियों और धागों से सजी राखियां और...

साझा Punjab की कहानी: जहां रिश्ते धर्म से नहीं, दिलों से जुड़े हैं

Punjab (पंजाब) गुरुओं, पीरों और फ़कीरों की पाक ज़मीन है। ये एक ऐसा राज्य है, जो अपनी संस्कृति, लज़ीज़...

Patiala Cleanliness Drive: ‘मेरा पटियाला मैं ही संवारूं’—एक सोच से शुरू हुई मुहिम, बनी लोगों की आवाज़

साफ़-सुथरी सड़कें, खुला और हवादार माहौल और चारों तरफ़ हरियाली हर इंसान की पसंद होती है। लेकिन इसे बनाए...

पंजाबी ग़ज़ल के मास्टर Muhinderdeep Grewal

Muhinderdeep Grewal (महिंदरदीप ग्रेवाल) उनका पेन नेम है, जबकि उनके ऑफिशियल दस्तावेज़ों में नाम गुरदीप सिंह ग्रेवाल दर्ज है।...

Mattan: जहां मस्जिद से अज़ान, मंदिर की घंटी और गुरबाणी मिलकर सुनाती हैं भाईचारे की कहानी

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में बसा Mattan (मट्टन) सिर्फ़ एक गांव नहीं है। ये उस गंगा-जमुनी तहज़ीब की ख़ूबसूरत...

साझ और प्यार की निशानी ‘तीज’: जानिए इसका इतिहास, सांस्कृतिक अहमियत और बदलता रंग-रूप

पंजाबी संस्कृति में त्योहारों की एक लंबी और समृद्ध रवायत रही है। ये त्योहार सिर्फ़ मज़हबी या मौसम में...

एक हादसा, 200 ग्राम दूध और Padma Shri Gurvinder Singh का सफ़र जिसने बदली हज़ारों ज़िंदगियां

कभी-कभी ज़िदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां इंसान के सामने सिर्फ़ दो रास्ते होते हैं या तो...

दरवाज़े कभी बंद नहीं हुए: जब Gurudwara Bangla Sahib ने एक बार फिर इंसानियत की सेवा की मिसाल पेश की

अगर किसी को रहने की जगह, खाना या किसी भी तरह की मदद की ज़रूरत है, तो Gurudwara Bangla...