Friday, March 13, 2026
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Ashok Pande

अशोक पांडे चर्चित कवि, चित्रकार और अनुवादक हैं। उनका प्रकाशित उपन्यास ‘लपूझन्ना’ काफ़ी सुर्ख़ियों में रहा है। पहला कविता संग्रह ‘देखता हूं सपने’ 1992 में प्रकाशित। जितनी मिट्टी उतना सोना, तारीख़ में औरत, बब्बन कार्बोनेट अन्य बहुचर्चित किताबें। कबाड़खाना नाम से ब्लॉग kabaadkhaana.blogspot.com। अभी हल्द्वानी, उत्तराखंड में निवास।

पंजाब के युवाओं को बंदूकों का लालच कौन दे रहा है,गैंग-वॉर में हुई हत्याओं की एक अंदरूनी कहानी

हम अक्सर पंजाब में गैंगस्टरों (Gangsters) और बंदूक संस्कृति (gun culture) के बारे में सुनते और देखते हैं। इसकी...

बागेश्वर का पीपल साहब

गुरु नानक देव जी ने मानवता, प्रेम और समानता का संदेश फैलाने के लिए अनेक लंबी यात्राएँ कीं, जिन्हें...

हीरामंडी की गुमनाम आवाज़: गुलज़ार बेगम से तमंचा जान तक का सफ़र

लाहौर (Lahore) के बाज़ार शेखूपुरियां से बारूदखाने के बीच पड़ने वाला हीरामंडी नाम का इलाका (Hiramandi Area) अपने कोठों...

Mehndi Hasan: उनके संगीत में पानी की तासीर है

राजस्थान के शेखावटी इलाके में एक जिला है झुंझनू. झुंझनू की अलसीसर तहसील के एक गांव लूणा में पंद्रह...

Ustad Amiruddin: एक दिलरुबा हमेशा अपने भीतर रखिये

अमरुद्दीन (Ustad Amiruddin) के पिता संगीतज्ञ (Musician) थे और खूबसूरत नीली मस्जिद वाले अफ़ग़ानिस्तान (Afghanistan) के शहर मज़ार-ए-शरीफ़ (City...

गायक अताउल्ला ख़ान की दास्तान

अताउल्ला ख़ान (Ataullah Khan) का पूरा खेल एक गढ़ी गयी कहानी में छिपा है. 1980 के दशक के बीच में...
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हीर का दूसरा रांझा-तुफ़ैल नियाज़ी

Tufail Niazi: जब रांझे (Ranjhe) से मिलने की सारी उम्मीदें ध्वस्त हो जाती हैं, हीर (heer) के दिल से...

दो इमारतों की ज़बानी- एक ही आस्ताने में मंदिर और मस्जिद

पाकिस्तान के पंजाब सूबे में एक जिला है मियांवाली। ईसाखेल इस जिले में एक छोटा सा कस्बा है। इस...

मनुष्य बनने की राह – बिस्मिल्लाह की शहनाई

बिस्मिल्लाह खान जीवन भर तीन चीज़ों को अपने सीने से चिपटाए रहे- गंगा, बनारस और उनके जन्म का स्थान...

अफ़ग़ानिस्तान में पैदा हुए सलीम दुर्रानी कैसे बने भारत के स्टार क्रिकेटर, पिता अब्दुल अज़ीज़ से सीखे गुर

भारत के पूर्व ओपनर और स्टार बल्लेबाज सलीम दुर्रानी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वो...

ऐसा गुहर ना था कोई दसरत के ताज में

अल्लामा इकबाल ने लिखा है: है राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को नाज़अहल-ए-नज़र समझते हैं उस को इमाम-ए-हिंद रामकथा ने शताब्दियों...

हिन्द के गुलशन में जब आती है होली की बहार

होली बसंत के आगमन का ऐलान है. ख़ुदा-ए-सुखन मीर तक़ी मीर ने होली पर एक मसनवी लिखी है जिसकी शुरुआत...