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Ashok Pande

अशोक पांडे चर्चित कवि, चित्रकार और अनुवादक हैं। उनका प्रकाशित उपन्यास ‘लपूझन्ना’ काफ़ी सुर्ख़ियों में रहा है। पहला कविता संग्रह ‘देखता हूं सपने’ 1992 में प्रकाशित। जितनी मिट्टी उतना सोना, तारीख़ में औरत, बब्बन कार्बोनेट अन्य बहुचर्चित किताबें। कबाड़खाना नाम से ब्लॉग kabaadkhaana.blogspot.com। अभी हल्द्वानी, उत्तराखंड में निवास।

डेढ़ सौ बरस की साझी विरासत: अल्मोड़े का दशहरा

अल्मोड़ा का दशहरा उन विरल सांस्कृतिक आयोजनों में है, जिनमें अतीत किसी संग्रहालय की वस्तु की तरह सुरक्षित नहीं...

पंज तख़्त: सिख इतिहास, अस्मिता और सामूहिक सत्ता के पांच ध्रुव

फ़ारसी के तख़्त का अर्थ है सिंहासन अर्थात सत्ता का आसन लेकिन सिख इतिहास में इस शब्द ने एक...

वेर्नर हर्ज़ोग और लॉटे आइसनर के बहाने जीवन के कुछ सबक

'जब आप किसी के बारे में सोचते हैं, आप उसे बचा रहे होते हैं” – अर्जेन्टीना के कवि रोबेर्तो...

तिब्बत पहुंचने वाली पहली विदेशी महिला

अपने सौवें जन्मदिन पर जब उसने अपना पासपोर्ट रिन्यू कराने भेजा तो पासपोर्ट दफ्तर ने उसकी आयु का हवाला...

कौन थे चन्द्रसिंह गढ़वाली? जिनकी वीरता पर गांधीजी भी थे हैरान

1994 में भारत सरकार ने उनकी फ़ोटो वाला एक डाक टिकट जारी किया और नामकरण किये जाने से छूट...

गुरु नानक की उदासियाँ: ईश्वर से पहले मनुष्य की खोज का रास्ता

अपनी एक यात्रा के दौरान गुरु नानक पाकपत्तन शरीफ़ पहुंचे। पंजाब सूबे का यह प्राचीन नगर चिश्ती सूफ़ी सम्प्रदाय...
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बेग़म अख़्तर का शायर

श्रीनगर में अप्रैल 1969 की एक दोपहर जब बरसात हो रही थी, उसके घर का टेलीफोन बजा। उसके पिता...

काली एलिस की दास्तान

एलिस के माता-पिता को उनकी मातृभूमि बारबाडोस से गुलाम बनाकर अमेरिका लाया गया था। 1686 में उसके जन्म के...

खयाल दर्पण : हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का विभाजन

एक छोटे से कमरे में टूटे कूलर और कबाड़ हो गयी चीज़ों के बीच बैठा एक आदमी है –...

पंडित नैनसिंह रावत और तिब्बत का नक्शा

उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले के सुदूर सीमान्त कस्बे मुनस्यारी से शुरू होने वाली जोहार घाटी के कोई दर्ज़नभर गांवों...

किताबों से प्यार करने वाले एक अनपढ़ सम्राट की दास्तान

दुनिया का पहला छापाखाना 1440 में जर्मनी के एक सुनार योहान गुटेनबर्ग ने बनाया था। उसकी बनाई प्रिंटिंग मशीन...

समयसुन्दर: वो जैन भिक्षु जिन्हें अकबर ने लाहौर बुलाकर किया सम्मानित

इतिहास में मेरे सबसे प्रिय यात्रियों में से एक हैं सोलहवीं शताब्दी में हुए एक जैन भिक्षु Samaysundar (समयसुन्दर)।...