Monday, January 26, 2026
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Ashok Pande

दो इमारतों की ज़बानी- एक ही आस्ताने में मंदिर और मस्जिद

पाकिस्तान के पंजाब सूबे में एक जिला है मियांवाली। ईसाखेल इस जिले में एक छोटा सा कस्बा है। इस...

मनुष्य बनने की राह – बिस्मिल्लाह की शहनाई

बिस्मिल्लाह खान जीवन भर तीन चीज़ों को अपने सीने से चिपटाए रहे- गंगा, बनारस और उनके जन्म का स्थान...

अफ़ग़ानिस्तान में पैदा हुए सलीम दुर्रानी कैसे बने भारत के स्टार क्रिकेटर, पिता अब्दुल अज़ीज़ से सीखे गुर

भारत के पूर्व ओपनर और स्टार बल्लेबाज सलीम दुर्रानी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वो...

ऐसा गुहर ना था कोई दसरत के ताज में

अल्लामा इकबाल ने लिखा है: है राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को नाज़अहल-ए-नज़र समझते हैं उस को इमाम-ए-हिंद रामकथा ने शताब्दियों...

हिन्द के गुलशन में जब आती है होली की बहार

होली बसंत के आगमन का ऐलान है. ख़ुदा-ए-सुखन मीर तक़ी मीर ने होली पर एक मसनवी लिखी है जिसकी शुरुआत...

मीर तक़ी मीर का अहाता

मीर तक़ी मीर के व्यक्तित्व के बारे में सबसे प्रामाणिक जानकारी खुद उनकी लिखी आपबीती ‘ज़िक्र-ए-मीर’ के अलावा जिस...
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अगले ज़माने में कोई मीर भी था

ख़ुदा-ए-सुख़न यानी कविता के भगवान कहे जाने वाले मीर तक़ी ‘मीर’ जिस ज़माने में जिए वह हिन्दुस्तान की तारीख़...

फूल वालों की सैर – मजहब और वर्ग की सीमाएं तोड़ जब समूची दिल्ली एक हुई By Ashok Pande

उन्नीसवीं सदी के शुरुआती सालों में दिल्ली में मुग़ल सल्तनत के बुरे दिन चल रहे थे जब तत्कालीन बादशाह...

काकोरी में ‘मेघदूत’ By Ashok Pande

उन्नीसवीं शताब्दी के उस दौर में लखनऊ के नवाबों की रसोइयों में पाककला अपने चरम पर पहुँच चुकी थी...