Saturday, June 6, 2026
37.1 C
Delhi

हरियाणा के नूंह में जब एक-दूसरे को बचाने के लिए आगे आए दोनों आस्थाओं के लोग

हरियाणा के नूंह ज़िले से आपसी भाईचारे की ख़ूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं। जहां अलग-अलग आस्थाओं से जुड़े लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए। मुस्लिम महिलाओं ने अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचाया। इसके अलावा मेवात में कई मुस्लिम हिंदुओं की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़े हुए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चिंताजनक माहौल में भी मेवात, होडल, गुरूग्राम में कहीं हिंदू आगे आकर मुस्लिमों को बचा रहे हैं तो कहीं मुस्लिम परिवारों को हिंदू अपने घर में पनाह दे रहे हैं।

मेवात के सिंगार में 31 जुलाई को होडल निवासी बुधराम, उनका बेटा निखिल और उनके अकाउंटेंट अजीत दंगों में फंस गए तभी उपद्रवियों ने उन पर हमला कर दिया, उनकी कार में आग लगा दी और मारपीट की। “बुधराम ने बताया कि लग रहा था कि हम जिंदा नहीं बच पाएंगे। तभी सिंगार के हाजी मोहम्मद वहां पहुंचे और उन्होंने हमारी जान बचाई और वो हमें अपने घर ले गए। बाद में गुस्साए उपद्रवी हाजी के घर पहुंच गए। उन्होंने घर से तीनों को बाहर निकालने को कहा, तब हाजी के परिवार की महिलाओं ने हमारी रक्षा के लिए लाठियां उठा लीं।”

एक दूसरी घटना, होडल के पूर्व सरपंच मोहित रावत ने बताया कि सोमवार को वह खेतों पर थे। उन्हें सूचना मिली कि उनके घर के सामने बनी मस्जिद पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया है और हमले में कई लोग घायल हुए है। सूचना मिलते ही वह वहां पहुंच गए। अस दौरान घायल हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को उन्होंने सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

इसके अलावा गांव बिछोर के पूर्व सरपंच इकबाल जैलदार ने बताया कि हिंदू समुदाय के लोगों ने दंगे में फंसे दर्जनों मुस्लिम समुदाय के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर सद्भावना की मिसाल पेश की है।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: विश्व शांति के लिए महत्वपूर्ण: भारत गणराज्य के साथ डॉ. मोहम्मद अब्दुलकरीम अल-इस्सा का दिलचस्प भ्रमण

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार...

Topics

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार...

कॉपरनिकस की दास्तान

ब्लैक डैथ हैजे से फैली महामारी थी जिसने यूरोप...

Related Articles

Popular Categories