Monday, July 13, 2026
41.7 C
Delhi

हरियाणा के नूंह में जब एक-दूसरे को बचाने के लिए आगे आए दोनों आस्थाओं के लोग

हरियाणा के नूंह ज़िले से आपसी भाईचारे की ख़ूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं। जहां अलग-अलग आस्थाओं से जुड़े लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए। मुस्लिम महिलाओं ने अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचाया। इसके अलावा मेवात में कई मुस्लिम हिंदुओं की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़े हुए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चिंताजनक माहौल में भी मेवात, होडल, गुरूग्राम में कहीं हिंदू आगे आकर मुस्लिमों को बचा रहे हैं तो कहीं मुस्लिम परिवारों को हिंदू अपने घर में पनाह दे रहे हैं।

मेवात के सिंगार में 31 जुलाई को होडल निवासी बुधराम, उनका बेटा निखिल और उनके अकाउंटेंट अजीत दंगों में फंस गए तभी उपद्रवियों ने उन पर हमला कर दिया, उनकी कार में आग लगा दी और मारपीट की। “बुधराम ने बताया कि लग रहा था कि हम जिंदा नहीं बच पाएंगे। तभी सिंगार के हाजी मोहम्मद वहां पहुंचे और उन्होंने हमारी जान बचाई और वो हमें अपने घर ले गए। बाद में गुस्साए उपद्रवी हाजी के घर पहुंच गए। उन्होंने घर से तीनों को बाहर निकालने को कहा, तब हाजी के परिवार की महिलाओं ने हमारी रक्षा के लिए लाठियां उठा लीं।”

एक दूसरी घटना, होडल के पूर्व सरपंच मोहित रावत ने बताया कि सोमवार को वह खेतों पर थे। उन्हें सूचना मिली कि उनके घर के सामने बनी मस्जिद पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया है और हमले में कई लोग घायल हुए है। सूचना मिलते ही वह वहां पहुंच गए। अस दौरान घायल हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को उन्होंने सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

इसके अलावा गांव बिछोर के पूर्व सरपंच इकबाल जैलदार ने बताया कि हिंदू समुदाय के लोगों ने दंगे में फंसे दर्जनों मुस्लिम समुदाय के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर सद्भावना की मिसाल पेश की है।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: विश्व शांति के लिए महत्वपूर्ण: भारत गणराज्य के साथ डॉ. मोहम्मद अब्दुलकरीम अल-इस्सा का दिलचस्प भ्रमण

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

रेड कॉरिडोर से वापसी का रास्ता

सालों तक, दक्षिण बस्तर के जंगलों में रहने वाले...

मोहसिन ज़ैदी: सादगी, एहसास और उर्दू अदब की पहचान

उर्दू अदब की दुनिया में मोहसिन ज़ैदी ने ग़ज़ल...

मख़मूर सईदी: उर्दू अदब का संजीदा और फ़िक्रमंद शायर

उर्दू शायरी की दुनिया में मख़मूर सईदी का नाम...

हबीब जालिब: अवाम की आवाज़ और इंक़िलाब का शायर

उर्दू अदब में जब भी ऐसे शायरों का ज़िक्र...

रईस अमरोहवी: अल्फ़ाज़ से फ़िक्र की दुनिया रौशन करने वाले शायर 

उर्दू अदब की दुनिया में रईस अमरोहवी का नाम...

Topics

रेड कॉरिडोर से वापसी का रास्ता

सालों तक, दक्षिण बस्तर के जंगलों में रहने वाले...

मोहसिन ज़ैदी: सादगी, एहसास और उर्दू अदब की पहचान

उर्दू अदब की दुनिया में मोहसिन ज़ैदी ने ग़ज़ल...

मख़मूर सईदी: उर्दू अदब का संजीदा और फ़िक्रमंद शायर

उर्दू शायरी की दुनिया में मख़मूर सईदी का नाम...

हबीब जालिब: अवाम की आवाज़ और इंक़िलाब का शायर

उर्दू अदब में जब भी ऐसे शायरों का ज़िक्र...

रईस अमरोहवी: अल्फ़ाज़ से फ़िक्र की दुनिया रौशन करने वाले शायर 

उर्दू अदब की दुनिया में रईस अमरोहवी का नाम...

सैय्यद अहमदउल्लाह क़ादरी: उर्दू अदब, सहाफ़त और क़ौमी यकजहती के अलमबरदार     

उर्दू अदब और सहाफ़त की दुनिया में लिसान-उल-मुल्क सैय्यद...

Related Articles

Popular Categories