Monday, May 11, 2026
32.1 C
Delhi

जीडीसी गांदरबल कॉलेज में ‘स्वास्थ्य जागरूकता’ कार्यक्रम

सरकारी डिग्री जीडीसी गांदरबल कॉलेज के स्वास्थ्य केंद्र ने मोटापे और हॉर्मोन असंतुलन पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य समस्याओं और उनके समाधान को लेकर जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में मोटापे और हॉर्मोन असंतुलन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही, लोगों को इन समस्याओं के लक्षणों और संकेतों के बारे में शिक्षित किया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी चर्चा की गई।

इस जागरूकता कार्यक्रम में श्रीनगर के पारस अस्पताल से विशेषज्ञ डॉ. मेहरूसा ने हिस्सा लिय। उन्होंने मोटापे और हॉर्मोन असंतुलन से निपटने के अलग-अलग तरीकों और उनके लक्षणों की पहचान करने के तरीकों पर चर्चा की। जीडीसी गांदरबल की प्रिंसिपल, प्रोफेसर फौजिया फातिमा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करेंगे, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी मज़बूत बनाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों को उनकी भागीदारी के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें मोमेंटों भेंट किए गए। ये स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम छात्रों और संकाय सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, जो उन्हें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के प्रति जागरूक करता है। कॉलेज भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहता है, जिससे छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सके।

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: मोर के पंख पर भील पेंटिंग उकेरने वाले जोधपुर के पहले चित्रकार मांगीलाल

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Topics

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Related Articles

Popular Categories