Tuesday, May 12, 2026
33.1 C
Delhi

मखमली और शानदार डिज़ाइनर कालीन को हाथों से बनाने के लिए मशहूर है यूपी का ये शहर

उत्तर प्रदेश का ज़िला भदोही कालीन शहर के नाम से मशहूर है। मुगल काल में भदोही में कालीन बनाने का काम शुरू हुआ था। आज दुनियाभर में यहां के कालीनों की काफी डिमांड है। ख़ासतौर पर मखमली और डिजाइनर हस्तिनिर्मित कालीनें भदोही में बनाई जाती हैं।

दिल्ली के नए संसद भवन में भदोही के बनाए गए कालीनें लगाई गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी संसद भवन में खूबसूरत भदोही के कालीनों को सराहा था। जिसके बाद से भदोही का ये बाज़ार और भी उछाल पर आ गया। संसद में लगी कालीनें उसको और शानदार बनाने का काम करती हैं।

भदोही के कालीन कारोबारी मोहम्मद ताजिम ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि उनका कालीनों का खानदानी काम है। उनके पूर्वज मुगलों के वक्त से ही कालीन का काम करते थे। इसके बाद उनकी अगली पीढ़ी इस कारोबार को देश दुनिया में बढ़ा रही हैं। पिछले सात सालों से वो सूरजकुंड मेले में स्टॉल लगाते रहे हैं।

ताजिम ने बताया कि कालीन बनाने के लिए चार पड़ाव होते हैं डिज़ाइन बनाना, रंगाई, बुनाई और तैयार कालीन की धुलाई की जाती है। कारोबारी बताते हैं कि कालीन 3500 से लेकर ढाई लाख रूपये तक बेची जाती है और इसकी भारत समेत दुनिया के बहुत सारे देश में मांग हैं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें:असम का जाजोरी गांव जहां मुस्लिम महिलाओं की जीविका बुनाई है

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

Topics

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Related Articles

Popular Categories