Saturday, August 1, 2026
30.8 C
Delhi

मोहम्मद अली खत्री: अपने इस ख़ास हुनर की विदेशों में देते हैं ट्रेनिंग

गुजरात के बारहा गांव में जन्मे मोहम्मद अली खत्री का नाम उन शिल्पकारों में शामिल किया जाता हैं, जो अपने हुनर के बलबूते देश विदेश में भारत का नाम रौशन कर रहें हैं। महज़ 12 साल की उम्र में वो काम की तलाश में घर से निकले थे। शुरुआत में उन्होंने बांधनी का काम सीखा यानि कपड़े पर छोटी गांठों को बांध कर सुंदर पैटर्न बनाने के लिए उन्हें अलग अलग रंगों में रंगने का एक तरीका है। अपने इस हुनर की बदौलत उन्हें विदेशों में कारीगरी के बारे में ट्रेनिंग देने के लिए भेजा जाता हैं। अब तक उन्हें 10 से ज्यादा देशों में जाने मौका मिला हैं जिनमे जर्मन, अमेरिका, जापान, दुबई, ब्राजील, मैक्सिको समेत कई देश शामिल हैं।  

मोहम्मद अली खत्री समाज में गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी ट्रेनिंग देते हैं। मोहम्मद अली खत्री ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि “ये काम महिलाएं आसानी से कर लेती हैं। अब तक 600 से ज्यादा महिलाएं उनके यहां काम सीख चुकी हैं, जो अच्छा पैसा कमा रही हैं।” मोहम्मद अली खत्री साल 1988 में राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था, हस्तशिल्प क्षेत्र में उन्हें साल 2002 में उन्हें शिल्प गुरु पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका हैं। इसके अलावा उन्हें अब तक कई बार अलग-अलग आयोजनों पर सम्मान मिल चुका हैं। 

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: पुलवामा का Wood Carving Center कैसे बना रहा है लड़कियों को आत्मनिर्भर

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

Indian Squash: Anahat Singh ने वो कर दिखाया, जिसका भारत 21 साल से इंतज़ार कर रहा था

कई बार किसी खिलाड़ी की जीत सिर्फ़ एक मैच...

ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां: सादा अल्फ़ाज़ में गहरी कैफ़ियत के शायर

उर्दू अदब की तारीख़ में ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां 'बयां'...

Pithora Painting: जब दीवारों पर रंगों के साथ उतरती है आस्था और पुरखों की कहानी

किसी कला की असल ख़ूबसूरती सिर्फ़ रंगों में नहीं,...

Topics

ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां: सादा अल्फ़ाज़ में गहरी कैफ़ियत के शायर

उर्दू अदब की तारीख़ में ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां 'बयां'...

Pithora Painting: जब दीवारों पर रंगों के साथ उतरती है आस्था और पुरखों की कहानी

किसी कला की असल ख़ूबसूरती सिर्फ़ रंगों में नहीं,...

दर्द काकोरवी: इश्क़-ए-हक़ीक़ी और सूफ़ियाना शायरी के फ़नकार

उर्दू अदब की तारीख़ में कई ऐसे शायर गुज़रे...

किताबों से प्यार करने वाले एक अनपढ़ सम्राट की दास्तान

दुनिया का पहला छापाखाना 1440 में जर्मनी के एक...

Related Articles

Popular Categories