Wednesday, January 21, 2026
17.1 C
Delhi

स्टडी सेंटर: रोज़ेफ़ फ़ाउंडेशन के प्रोफ़ेसर असरार ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स का संवार रहे मुस्तकबिल

अलीगढ़ का रोज़ेफ़ स्टडी सेंटर ड्रॉप आउट हुए स्टूडेंट्स के लिए बेहतरीन एजुकेशन सेंटर बन रहा है। मौलाना आज़ाद नगर में इस सेंटर के प्रोफ़ेसर असरार बच्चों के मुस्तकबिल को संवार रहे हैं।

कैसे की उन्होंने इस स्टडी सेंटर की शुरुआत की और इसके पीछे उनका मकसद क्या था, उन्होंने आवाज़ द वॉयस को तफ्सील से बताया। प्रोफेसर असरार ने कहा कि आज के वक्त में बच्चों का ड्रॉप आउट रेट लगातार बढ़ रहा है, कुछ माइग्रेट लेबर्स बन रहें हैं तो कुछ गरीबी के कारण स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर हैं। इस परेशानी को देखते हुए उन्होंने 2015 में रोज़ेफ़ फाउंडेशन की नींव रखी। 

रोज़ेफ़ फाउंडेशन को खोलने से पहले असरार ने बच्चों और उनके परिवार से मुलाकात की, उनकी काउंसलिंग की और उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एजुकेशन कितना ज़रूरी है इस बारे में उन्हें समझाया। एक किराये की बिल्डिंग में प्रोफेसर असरार बच्चों को अलग-अलग एजुकेशन कोर्स, नोट्स के बारे में जानकारी देते हैं जिसमें वे बच्चें पढ़ते हैं और आगे की तरक्की के लिए भी काम करते हैं। रोज़ेफ़ फाउंडेशन के छात्र हाई एजुकेशन, ईएमयू, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग वगैरह के लिए भी तैयारी कर रहे हैं।

आज उनके इस फाउंडेशन में लगभग 500 बच्चें पढ़ रहें हैं, जिसमें बेसिक नॉलेज के लिए 5 और हाई एजुकेशन के लिए 4 टीचर्स हैं। कुछ टीचर्स पार्ट टाइम भी रोज़ेंफ स्टडी सेंटर में आकर इन बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं।  

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘उम्मीद’ अकादमी के वली रहमानी गरीब बच्चों के बने शिक्षक

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories