Monday, August 31, 2026
34 C
Delhi

लकड़ी पर नक्काशी के नायाब कारीगर मोहम्मद दिलशाद कड़ी मेहनत को मानते हैं किस्मत की चाभी

कड़ी मेहनत वो चाभी है, जिससे किस्मत का दरवाज़ा खुलता है.. ये कहना है मोहम्मद दिलशाद का। मोहम्मद दिलशाद लकड़ी पर नक्काशी करने वाले नायाब कारीगर हैं। नक्काशी करना उनका पुश्तैनी काम है। बचपन से ही उन्हें कारीगरी सीखने की चाह थी, लेकिन पिता चाहते थे कि वो पढ़ लिखकर आगे बढ़ें।

लकड़ी पर डिज़ाइन बनाते वक्त कई बार ऐसा हुआ है कि हथौड़े से चोट लगी लेकिन उन्होंने काम करना नहीं रोका। कुछ वक्त के बाद दोबारा से लकड़ी पर नक्काशी करने जुट जाते थे। आज उनके इस काम में परिवार के सभी लोग मिलकर करते हैं। मोहम्मद दिलशाद के पांच बेटे है, जो इसी काम से जुड़े हैं। कई बार वो अपने मन से भी डिजाइन बनाते थे,जो लोगों को बहुत पसंद आते थे।

18 साल की उम्र में उन्होंने लकड़ी के बॉक्स, टेबल, सेंट्रल टेबल व फोटो फ्रेम वगैरह पर बेहतरीन डिज़ाइन बनाकर बाजार में भेजना शुरू किया था। एक दिन वो वक्त भी आया जब उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें वुडन आर्ट में शिल्पकार अवॉर्ड से नवाज़ा गया। 

हस्तशिल्प को लेकर उन्हें देश-विदेश में कई बार जाने का मौका मिला। साल 2000 में जर्मनी में आयोजित प्रदर्शनी के अलावा स्विट्जरलैंड, कानाडा, इटली,अमेरिका, मॉरिशस, वेस्टइंडीज के अलावा कई देशों में जाकर वे अपनी आर्ट को प्रदर्शित कर चुके हैं। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में भी उन्हें हर तीसरे साल पहुंचने का मौका मिलता है।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: पुलवामा का Wood Carving Center कैसे बना रहा है लड़कियों को आत्मनिर्भर

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

इफ़्तिख़ार आरिफ़: शायरी में हिजरत, मोहब्बत और रूहानियत की दास्तान

उर्दू शायरी में कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो...

Topics

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

बेग़म अख़्तर का शायर

श्रीनगर में अप्रैल 1969 की एक दोपहर जब बरसात...

जमीलुद्दीन आली: दोहों से उर्दू अदब को नया रंग देने वाले शायर

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ शायर ऐसे गुज़रे...

Related Articles

Popular Categories