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ये अधिकारी क्यों बांटता है मुफ़्त में झाड़ू?

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के वरिष्ठ अधिकारी शचींद्र प्रताप सिंह ऐसे इंसान हैं जो स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Mission) को आगे बढ़ाने में लगे हैं। उनकी कोशिश है कि वे जहां पर तैनात हों, वहां साफ-सफाई का बेहतर इंतज़ाम हो। जिन इलाको की गलियां, सड़कें गंदगी से मुब्तला रहती हैं, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारी शचींद्र प्रताप सिंह ने ख़ासकर ऐसे इलाकों में अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के मुताबिक ‘झाड़ू दान समूह’ के ज़रिए झाड़ू मुफ़्त में बांटते हैं। शचींद्र प्रताप सिंह कहते हैं, “यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास कम से कम 10 मीटर की दूरी साफ़ रखें, तो दुनिया एक बेहतर जगह होगी।” शचींद्र प्रताप पंत नगर विश्वविद्यालय से बीटेक पूरा करने के बाद 1989 में बतौर एक प्रबंधक के रूप में यूपीएसआरसीटी में शामिल हुए थे।

शचींद्र ने अपने गृह नगर औरैया में पोस्टिंग के दौरान एक बस में कूड़ा बिखरा हुआ देखा। वो बताते हैं, “जब मैंने ड्राइवर से पूछा तो उसने कहा कि उसकी गाड़ी में झाड़ू नहीं है। उनके पास इसे खरीदने के लिए भी कोई फंड नहीं। ड्राइवर का जवाब को शचींद्र ने एक संदेश के रूप में लिया। उन्होंने भारी तादाद में झाड़ू खरीदी और औरैया डिपो से जुड़े सभी ड्राइवरों और क्लीनरों के बीच बांट दी। उन्होंने भी झाड़ू उठाई और अपने कार्यालय परिसर की सफाई शुरू कर दी। उसके बाद पास-पड़ोस के मोहल्ले में सफाई अभियान चलाया।

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