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हरियाणा के नूंह में जब एक-दूसरे को बचाने के लिए आगे आए दोनों आस्थाओं के लोग

हरियाणा के नूंह ज़िले से आपसी भाईचारे की ख़ूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं। जहां अलग-अलग आस्थाओं से जुड़े लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए। मुस्लिम महिलाओं ने अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचाया। इसके अलावा मेवात में कई मुस्लिम हिंदुओं की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़े हुए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चिंताजनक माहौल में भी मेवात, होडल, गुरूग्राम में कहीं हिंदू आगे आकर मुस्लिमों को बचा रहे हैं तो कहीं मुस्लिम परिवारों को हिंदू अपने घर में पनाह दे रहे हैं।

मेवात के सिंगार में 31 जुलाई को होडल निवासी बुधराम, उनका बेटा निखिल और उनके अकाउंटेंट अजीत दंगों में फंस गए तभी उपद्रवियों ने उन पर हमला कर दिया, उनकी कार में आग लगा दी और मारपीट की। “बुधराम ने बताया कि लग रहा था कि हम जिंदा नहीं बच पाएंगे। तभी सिंगार के हाजी मोहम्मद वहां पहुंचे और उन्होंने हमारी जान बचाई और वो हमें अपने घर ले गए। बाद में गुस्साए उपद्रवी हाजी के घर पहुंच गए। उन्होंने घर से तीनों को बाहर निकालने को कहा, तब हाजी के परिवार की महिलाओं ने हमारी रक्षा के लिए लाठियां उठा लीं।”

एक दूसरी घटना, होडल के पूर्व सरपंच मोहित रावत ने बताया कि सोमवार को वह खेतों पर थे। उन्हें सूचना मिली कि उनके घर के सामने बनी मस्जिद पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया है और हमले में कई लोग घायल हुए है। सूचना मिलते ही वह वहां पहुंच गए। अस दौरान घायल हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को उन्होंने सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

इसके अलावा गांव बिछोर के पूर्व सरपंच इकबाल जैलदार ने बताया कि हिंदू समुदाय के लोगों ने दंगे में फंसे दर्जनों मुस्लिम समुदाय के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर सद्भावना की मिसाल पेश की है।

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