Friday, March 13, 2026
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Tag: UrduPoetry

Manzar Bhopali: भोपाल की तहज़ीब से दुनिया के मंच तक और पचास साल के अदबी सफ़र की दास्तान

Manzar Bhopali सिर्फ़ एक शायर का नाम नहीं है, बल्कि एक शहर की रूह, उसकी तहज़ीब और उसकी साझा...

साग़र सिद्दीक़ी: ‘फुटपाथ का बादशाह’, जिसकी शायरी में दर्द और मोहब्बत की अनकही दास्तान थी

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं जो अपनी शायरी के साथ-साथ अपनी ज़िंदगी की दर्दनाक हक़ीक़त...

इरफ़ान सिद्दीक़ी: ख़्वाबों, एहसासों और लफ़्ज़ों का शायर

उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए कि नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिएइरफ़ान सिद्दीक़ी यूं तो हर शायर अपने अल्फ़ाज़...

शारिक़ कैफ़ी: नज़्म और ग़ज़ल में चौथी आंख से देखने वाला शायर

शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ों का खेल नहीं, बल्कि एहसासों का आईना है। और इस आईने में झांक कर इंसान अपना...

शाद अज़ीमाबादी: वो शायर जिसके कलाम को अल्लामा इक़बाल ने भी सराहा

उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं जो अपनी शख़्सियत, अपने कलाम और अपने असर की वजह...

तहज़ीब हाफ़ी: सादगी, दिलकशी और मुशायरों का चमकता सितारा

उर्दू शायरी की दुनिया में अक्सर ऐसे नाम सामने आते हैं, जो अपने लफ़्ज़ों के जादू से पढ़ने-सुनने वालों...

अहमद नदीम क़ासमी: उर्दू अदब का तरक़्क़ी-पसंद सफ़ीर

उर्दू अदब की दुनिया में अहमद नदीम क़ासमी का नाम एक रोशन सितारे की तरह हैं। वो सिर्फ़ एक...

नए लब-ओ-लहज़े की शायरा: परवीन शाकिर की शायरी का जादू और रग-ए-जां में उतरते अल्फ़ाज़  

‘नए लब-ओ-लहज़े की ताज़ा बयान शायरा’... ये तख़ल्लुस था परवीन शाकिर का, जिन्होंने उर्दू शायरी को एक नया रंग, एक...

आरज़ू लखनवी: तहज़ीब, तख़य्युल, तख़्लीक़ और अंदाज़-ए-बयां के अज़ीम शायर

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं जो सिर्फ़ शायर नहीं, बल्कि एक युग की दास्तान बन...

मीर अनीस: मर्सिया का बादशाह और उर्दू शायरी का एक नायाब सितारा

उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ अज़ीम नाम ऐसे हैं जो अपनी ख़ासियत और कमाल के लिए हमेशा याद...

शहरयार: ‘दिल चीज़ क्या है आप मेरी जान लीजिए’ शायरी की सादगी और एहसास का सलीक़ा

एक ऐसे शायर, जो अल्फ़ाज़ों से ख़्वाब बुनता था, और जज़्बातों को इतनी सादगी से कह जाता कि सुनने...

शायर-ए-इंकलाब हसरत मोहानी: वो शमा जो कई महफ़िलों में जली

"दर्द-ओ-तासीर के लिहाज़ से 'मोमिन' का कलाम 'ग़ालिब' से श्रेष्ठ और 'ज़ौक़' से श्रेष्ठतम है।” ये अल्फाज़ थे मौलाना हसरत...