Sunday, June 7, 2026
38.8 C
Delhi

पीरियड्सः – एक मानवीय आंदोलन की कहानी

डॉ. सानिया सिद्दीकी (Dr. Sania Siddiqui) की सोच और चिंता से जन्मा यह नारा है। उनके क्लीनिक में आने वाली महिलाएं यौवन और मासिक धर्म (Periods) के बारे में चिंतित होती हैं। लेकिन उन्हें ये समझाने में समस्या होती है कि इसे आमतौर पर कैसे चर्चा करें।

मासिक धर्म (Periods) के बारे में बात करने की आवश्यकता का आंदोलन पैदा हुआ। वह आंदोलन द्वारा महिलाओं की आवाज बनीं और संदेश दिया कि ‘पीरियड्सः शर्म नहीं, शर्म नहीं’। अब देशभर में पहचान की जरूरत हैं।

डॉ. सानिया का कहना है कि मासिक धर्म सिर्फ महिलाओं का मुद्दा नहीं है, यह एक मानवीय मुद्दा है और इसे दोनों लिंगों को संवेदनशील बनाना चाहिए।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: आयुषी सिंह UP PCS पास कर DSP बनीं, कैसे की थी पढ़ाई?

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

मौलाना मोहम्मद अली जौहर: एक शायर, जिसकी कलम से उठी आज़ादी की आवाज़

जब हिंदुस्तान अंग्रेज़ी हुकूमत की ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ...

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

Topics

मौलाना मोहम्मद अली जौहर: एक शायर, जिसकी कलम से उठी आज़ादी की आवाज़

जब हिंदुस्तान अंग्रेज़ी हुकूमत की ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ...

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार...

कॉपरनिकस की दास्तान

ब्लैक डैथ हैजे से फैली महामारी थी जिसने यूरोप...

Related Articles

Popular Categories