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उर्दू अदब के सबसे बड़े प्रोग्राम जशन-ए-रेख़्ता 2023 का आगाज़

राजधानी दिल्ली में हर साल दिसंबर के महीने में मौसम-ए-सुख़न नाज़िल होता है,आवाज़ों, लफ्ज़ों, रंगों और खुशबुओं की बरसात होती है जिसमें दिल और मुहब्बत की दुनिया आबाद होती है। यानी उर्दू अदब की महफ़ील जशन-ए-रेख़्ता (Jashn-e-Rekhta) का आगाज़ हो गया है। जो 8 दिसंबर से 10 दिसंबर तक मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (Major Dhyan Chand National Stadium, Delhi) में चलेगा।

इस ख़ास मौक़े पर रेख़्ता फाउंडेशन (Rekhta Foundation) के संस्थापक संजीव सर्राफ़ ने कहा कि पिछले 12 साल से रेख़्ता फाउंडेशन पूरी दुनिया में उर्दू के चाहने वालों के बीच अपनी जगह बना चुका है। हर साल ज़ुबान, अदब, म्यूज़िक की महफ़िलें सजाई जाती हैं। दुनिया में लोग उर्दू सिखना चाहते हैं जिसमें उर्दू डिक्शनरी उनका साथ दे रहा है। इस वक़्त रेख़्ता फाउंडेशन दुनिया के 12 करोड़ लोगों तक पहुंचा है। जो लोग उर्दू सीखना चाहते हैं उनके लिए रेख़्ता लर्निंग कोर्स लाया गया है। जिसका इफ़्तिताह यानी शुभारंभ जावेद अख़्तर ने किया।

हाल ही में लंदन में जशन-ए-रेख़्ता का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी तादाद में उर्दू और हिन्दुस्तानी ज़ुबां को चाहने वाले शामिल हुए। मार्च 2024 में गुजराती वेबसाइट को भी लांच किया जाएगा। ये साहित्यिक जश्न उर्दू के विश्व विख़्यात शायर मीर तकी मीर के 300 सौ साल के तौर पर मना रहा है। रेख़्ता ने मीर तकी मीर के फारसी संवाद को उर्दू में दुनिया के सामने पेश किया है।

जश्न में चार चांद लगाने आ रहे हैं अज़ीम तरीन शख़सियत वसीम बरेलवी, जावेद अख़तर, इकबाल अशहर, नुसरत मेहंदी, मीनू बक्शी, अबरार काशिफ, आदील मुस्तक़ीम, मनीष शुक्ला, आलोक श्रीवास्तव, नदीम शाद, इरशाद खान और क़ैसर खालिद।

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