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मुरादाबाद के ध्रुव रस्तोगी ने 5 महीने में बना दिया Electronic Chess Board, खिलाड़ी अपनी पसंदीदा Colour की लाइट में भी खेल सकता है

एक ऐसा खेल जिसे खेलने से दिमाग़ की कसरत होती है यानी आसान लफ़्जों में कहे तो, इसे खेलने से दिमाग़ तेज़ होता है। हम बात कर रहें शतरंज की। शतरंज का इतिहास काफ़ी पुराना है जब राजा- महाराजा अक्सर युद्ध करते थे। तो ऐसे में इस खेल के ज़रिए वे न सिर्फ़ अपना मनोरंजन करते बल्कि ख़ुद को मानसिक तौर पर मज़बूत भी करते थे। पुराने वक़्त के दौर में शतरंज को ‘चतुरंग’ के नाम से जाना जाता था। लेकिन इसे दुनियाभर में ‘चेस’ के नाम से जाना जाता है। शतरंज को एक बेहतरीन खेल माना गया है। क्योंकि इस खेल को दिमाग़ और अच्छे फै़सले से ही जीता जा सकता है। असल मायनों में इसे खेलने वालों की अच्छी-ख़ासी दिमागी कसरत हो जाती है।

अब आप शतरंज हाई टेक तरीक़े से खेल सकते हैं

अभी तक शतरंज आप कुछ इस तरह खेलते थे। लेकिन अब आप शतरंज हाई टेक तरीक़े से खेल सकते हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर से ताल्लुक़ रख़ने वाले ध्रुव रस्तोगी ने Electronic Chessboard बनाया है। जो IOT Software की मदद से तैयार किया गया है। IOT यानी Internet of Things इसे एक डिवाइस के रूप में बनाया गया है।

शतरंज बनाने में कितना समय और ख़र्च आया

ध्रुव रस्तोगी मुरादाबाद के एम.आई.टी. कॉलेज के कंप्यूटर साइंस ब्रांच के चतुर्थ वर्ष में पढ़ रहे है। ध्रुव ने DNN24 से बात करते हुए बताया कि, मुझे इस प्रोजेक्ट को बनाने में करीब 5 महीने का समय और 10 हज़ार से ज़्यादा का खर्च आया है। जब खिलाड़ी शतरंज की कोई मोहरा उठाता है तो, सेंसर मोहरे की पोजीशन के मुताबिक लाइट की मदद से Perfect Position बताता हैं और इस chess को खिलाड़ी अपने पसंदीदा Colour की लाइट में भी खेल सकते है.इसके साथ ही इसे बनाने में मेरे डायरेक्टर एचओडी और परिवार का पूरा सहयोग रहा है। जिसकी वजह से मैं इस मुकाम तक पहुंच पाया हूं। वही, ध्रुव का कहना है कि मैं आगे चलकर कुछ बड़ा करना चाहता हूँ। मेरी ख़्वाहिश है मैं चाहे जॉब का क्षेत्र हो या बिजनेस का क्षेत्र है उसमें कुछ बड़ा करना चाहता हूँ।

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