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2 घंटे 40 मिनट में रचा इतिहास: ‘Operation Sindoor’ पर तैयार की 20×40 की अनोखी पेंटिंग

कई बार इतिहास किताबों में नहीं, महज़ ब्रश की स्ट्रोक से लिखा जाता है। दिल्ली के वेगास मॉल, द्वारका में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां 44 युवा कलाकारों ने मिलकर एक ऐसी पेंटिंग बनाई, जो सिर्फ़ आर्ट नहीं, बल्कि देशभक्ति की गूंज बन गई। एक बड़े कैनवास Operation Sindoor पर पेंटिंग बनाई, जिसमें कर्नल सोफ़िया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, आसमान चीरता राफेल, और लाल सिंदूर को उकेरा। इसे सिर्फ़ हाथों से नहीं, बल्कि जज़्बातों से भी रंगा गया।

देशभर से आए कलाकारों का अद्भुत संगम

Kalabhumi Arts के फ़ाउंडर असगर अली ने DNN24 से बात करते हुए बताया कि इस पेंटिंग को बनाने के लिए कलाकार देश के लगभग 20 राज्यों से आए। इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, वेस्ट बंगाल, लद्दाख, मणिपुर जैसे दूर-दराज़ इलाकों से भी कलाकार पहुंचे। उन्होंने कहा “अगर आज हम चैन की नींद सोते हैं, तो ये सिर्फ़ हमारे सैनिकों की वजह से मुमकिन है। Operation Sindoor पर ये पेंटिंग उन्हीं को समर्पित है।”

Kalabhumi Arts की एक स्टूडेंट बताती हैं कि ये शानदार पेंटिंग 20 बाई 40 फीट की है। इस पर उन्होंने कर्नल सोफ़िया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह का शानदार पोर्ट्रेट बनाया है। “हम इस पेंटिंग के ज़रिए उन्हें शुक्रिया कहना चाहते हैं। क्योंकि जब देश मुश्किल में होता है, तो वो हमेशा आगे खड़ी रहती हैं।”

2 घंटे 40 मिनट में बना इतिहास

Kalabhumi Arts की एक स्टूडेंट ने बताया कि Operation Sindoor पेंटिंग को बनाने का मक़सद गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बनाना है। इसके साथ ही उन्होंने वुमन एंपावरमेंट को भी सेंटर में रखा, क्योंकि आज भी कई लोग महिलाओं को कम आंकते हैं जबकि सच्चाई यह है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और हर कदम पर अपनी ताकत साबित कर रही हैं।

इस रिकॉर्ड को पूरा करने के लिए 3 से 4 घंटे का समय तय था। लेकिन कमाल ये हुआ कि इसे कलाकारों ने सिर्फ़ 2 घंटे, 40 मिनट और 22 सेकंड में पूरा कर दिया। ये सिर्फ़ तेज़ी नहीं ये जुनून, एकता, और देश के लिए प्यार का नतीजा था। ये वर्ल्ड रिकॉर्ड सिर्फ़ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सलाम है उन सैनिकों को, जो ठंड, गर्मी, बारिश, बर्फ और खतरे में भी सीमाओं को सुरक्षित रखते हैं। और ये एक उम्मीद भी है उन बच्चों की,जो अपनी कला से भारत का भविष्य रंग रहे हैं।

ये भी पढ़ें: Asgar Ali की KalaBhumi: जहां पला हुनर, बना रिकॉर्ड और रची गई राम मंदिर की पेंटिंग

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