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मूनिस चौधरी पॉडकास्ट के जरिए भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को कर रहीं मज़बूत

मूनिस चौधरी पॉडकास्ट के ज़रिए भारत और पाकिस्तान के बीच सामाजिक सद्भाव लाने का प्रयास कर रही है। वो पाकिस्तान के कराची शहर में रेहान अल्लाह वाला संस्थान में बतौर पॉडकास्ट प्रेज़ेंटर काम करती हैं। उन्होंने दोनों देशों के श्रोताओं से लोकप्रियता हासिल की है। मूनिस एथर इंडियावाली सोशल मीडिया इनक्यूबेटर के नाम से जानी जाती हैं। 

मूनिस ने आवाज-द वॉयस को बताया कि उनकी पैदाइश भारत के कोलकाता में हुई। वो, उनके पिता, माता, तीन बड़े भाई और बहन सिटी ऑफ जॉय के पार्क सर्कस में रहते थे। लेकिन साल 1982 में पाकिस्तान चली गई। 

वो बताती हैं जब वो पाकिस्तान आ गईं तो उनके पैर पाकिस्तान में और दिल भारत में था। लेकिन धीरे-धीरे पाकिस्तान को पसंद करना सीख लिया। तीनों भाइयों को नौकरी मिल गई, और इस दौरान हम सभी की शादी हो गई और अब मेरे बच्चों की भी शादी हो गई है। 

पाकिस्तान आने के बाद मुझे खालीपन महसूस हुआ और काम करने और जीवन में अपने लिए कुछ करने की लालसा हुई। सोशल मीडिया के जरिए उन्हें रेहान अल्लाहवाला संस्थान में काम करने का मौका मिला। उन्होंने  संस्थान में अनुवादक के रूप में शुरुआत की। फिर एक पॉडकास्ट होस्ट के रूप में अपनी जगह बनाई। जहां मुझे अपनी छिपी प्रतिभा को दिखाने का एक मंच मिला। 

उनका मानना है कि उन्हें पाकिस्तान और भारत की संस्कृतियों और परंपराओं के बीच उल्लेखनीय समानताएं दिखाई देती हैं। उनका लक्ष्य पॉडकास्ट के जरिए भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को मजबूत करने और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए करना है।

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