Wednesday, July 8, 2026
33.4 C
Delhi

गीता, कुरान और बाइबिल के एक्सपर्ट कैसे बने प्रोफ़ेसर शेख़ मकबूल इस्लाम?

प्रोफ़ेसर शेख़ मकबूल इस्लाम को जितनी श्रीमद्भागवत गीता में महारथ हासिल है, उतनी ही कुरान और बाइबिल में भी है। मकबूल इस्लाम की जुबान बांग्ला है लेकिन उन्हे हिंदी, ओड़िया, असमिया और अंग्रेजी भाषा भी अच्छे से आती है। कोलकाता के हावड़ा ज़िले के सब्सिट गांव में साल 1967 में उनकी पैदाइश हुई। उन्होंने आवाज़ द वॉयस को बताया कि, “पिता शेख़ सज्जाद अली सूफ़ी थे, तो घर में सूफी संत और विद्वानों का आना-जाना लगा रहता था। गांव में सूफी तो थे ही, वैष्णव लोग भी काफी तादाद में थे। जब मैं साढ़े चार साल का हुआ, तो मेरे ऊपर धीरे-धीरे सबका प्रभाव पड़ने लगा।” 

मकबूल इस्लाम ने ‘बांग्ला-ओड़िया लोक साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन’ पर पीएचडी की है। और कलकत्ता की एशियाटिक सोसाइटी में ‘सीनियर रिसर्च फेलो’ भी रह चुके हैं। वो अब तक करीब 65 किताबे लिखे चुके हैं। इन किताबों में ‘गीता-कुरान का तुलनात्मक अध्ययन, लोक संस्कृति तत्व चिंता तथा शोध विषयक, ‘लोक संगीत विज्ञान जैसी कई किताबें शामिल हैं। 

प्रोफ़ेसर मकबूल का  मानना है कि ‘भाईचारा बनाने के लिए संस्कार का होना बेहद ज़रूरी है। उसे ठीक से समझना होगा, वरना हम लड़ते-झगड़ते रहेंगे।’’ शेख़ मकबूल इस्लाम इन दिनों ‘दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में श्री जगन्नाथ और वैष्णव धर्म के प्रसार पर नए सिरे से रिर्सच कर रहे हैं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: मिनिएचर गोल्ड वर्क आर्टिस्ट इकबाल सक्का ने 43 सालों में बनाए 110 विश्व रिकॉर्ड

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

नालंदा का ‘शिल्प ग्राम’: जहां कला रोज़गार बनती है और महिलाएं मिसाल

जब भी बिहार के नालंदा का ज़िक्र होता है,...

हिमायत अली शायर: जिनकी कलम ने मोहब्बत और वतन दोनों को आवाज़ दी

उर्दू अदब की दुनिया में पहचान सिर्फ़ उनके अशआर...

Topics

हिमायत अली शायर: जिनकी कलम ने मोहब्बत और वतन दोनों को आवाज़ दी

उर्दू अदब की दुनिया में पहचान सिर्फ़ उनके अशआर...

प्राचीन प्रम्बानन मंदिर: PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का ऐतिहासिक पहलू

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क़ाफ़िला इंडोनेशिया पहुंचा, तो...

दिलावर फ़िगार: हंसते-हंसाते समाज का आईना दिखाने वाले शायर 

उर्दू अदब में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने लोगों...

Related Articles

Popular Categories