Monday, January 26, 2026
20.1 C
Delhi

मिनिएचर गोल्ड वर्क आर्टिस्ट इकबाल सक्का ने 43 सालों में बनाए 110 विश्व रिकॉर्ड

राजस्थान में झीलों की नगरी उदयपुर के रहने वाले इकबाल सक्का मिनिएचर गोल्ड वर्क आर्टिस्ट हैं। जिनकी कला को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। 60 साल के इकबाल सक्का ने 43 सालों में 110 विश्व रिकॉर्ड बनाकर अपनी आर्ट वर्क से खूब नाम कमाया। इकबाल सक्का महीन सोने से चीजे बनाते हैं, जिन्हें देखने के लिए ख़ास कांच की ज़रूरत पड़ती है। अपनी इस कला के ज़रिए वह कौमी एकता की बानगी पेश कर रहे हैं।

इकबाल सक्का ने DNN24 को बताया कि वो हमेशा से देश के लिए कुछ करना चाहते थे। उनके पिता और चाचा सोने, चांदी का किया काम करते थे। उस समय वह करीब 10 साल के थे। जब उनके पिता सोने का काम करते तो वो उनके साथ बैठ जाते थे और काम को ध्यान से देखते थे। धीरे धीरे उन्हें ये काम सीखने का चाह पैदा हुई।

600 मिलीग्राम की बनाई सबसे छोटी सोने की चेन

इकबाल सक्का ने अपने चाचा से सोने से अलग-अलग तरह की चीजें बनानी सीखीं। महज़ 14 साल की उम्र में उन्होंने सबसे हल्की चेन बनाई थी। जब चाचा का इंतकाल हुआ तो उन्होंने अपने पिता से कहा कि वह इस काम में अपना करियर बनाना चाहता है। देश को कुछ देने की लगन ने इकबाल ने एक 800 मिली ग्राम की चेन बनाई उसमें राजस्थान का एक नक्शा बनाया। इसके बाद एक और चेन बनाई जिसमें उदयपुर का नक्शा बनाया और फिर 600 मिलीग्राम की चेन बनाई और एक लॉकेट बनाया जिसमे भारत का नक्शा बना कर उन्होंने कौमी एकता का पैग़ाम दिया।

वो कहते हैं कि “जब उन्होंने सबसे हल्की सोने की चेन बनाई तो उस समय भारत में 15 भाषाओं को मान्यता प्राप्त थी और 580 हिंदुस्तान में जातियां थी इन सबको मिलाकर उन्होने लॉकेट में 15 इंच का नक्शा बनाया।” सोने के लॉकेट में भारत का नक्शा बनाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया। इससे उनका काफी हौसला बड़ा और लोगों ने खूब सराहा। इसके बाद वह लगातार इस काम को करने लगे।

इसके अलावा भी उन्हे कई अवॉर्ड से नवाज़ा जा चुका है। वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड होल्डर, ओडिशा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर, मदर इण्डिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जैसे कई अवॉर्ड शामिल हैं।

सबसे छोटा हैंड बैग बनाते हुए गई आंख की रौशनी

एक बार उन्होंने एक अखबार में पढ़ा कि विदेश में किसी ने दुनिया का सबसे छोटा हैंड बैग बनाया है। जो वैज्ञानिक तरीके से बनाया गया है। और कोरोना महामारी में उसकी नीलामी की गई थी। इस खबर को पढ़कर इकबाल ने सोचा कि वो भी एक हैंड बैग बनाए और उसे नीलाम कर बाढ़ ग्रस्त इलाके के लोगों की मदद करें। लेकिन वह जब हैंड बैग बना रहे थे उस दौरान उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। तब कुछ समय तक डॉक्टर से इलाज चला फिर आंख की रौशनी वापस आ गई।

इकबाल ने DNN24 को बताया कि वह हैंड बैग बहुत छोटा था उसे देखकर लगता था कि एक राई का दाना रखा हुआ है। इकबाल कहते है कि “जब तक मेरे हाथ काम करेंगे और आंखों की रोशनी रहेगी तब तक मैं ये काम करता रहूंगा और देश को कलाकृतियां देता रहूंगा।”

वो कहते है कि एक वक्त भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। तब उन्होंने सोचा कि क्यों न वो इन कलाकृतियों से इतनी चीजें बना दें कि पूरी दुनिया में ये कहा जाए कि सबसे छोटी चीज जो लेंस की मदद से देखी जा सकती है तो वो कहीं है तो सिर्फ हिंदुस्तान में है। राजस्थान के छोटे से शहर उदयपुर में है और उसे बनाने वाला इकबाल सक्का है।

ये भी पढ़ें: एक हादसे के बाद मां-बाप ने छोड़ा साथ, पैरों से पेटिंग बनाकर जीता नेशनल अवॉर्ड 

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories