Monday, July 6, 2026
38.7 C
Delhi

एल्विस अली हज़ारिका बने पोलैंड की खाड़ी पार करने वाले पहले असमिया तैराक

मशहूर तैराक एल्विस अली हज़ारिका ने पोलैंड के ग्दान्स्क पोमेरेनियन के बीच पर पुक ग्दान्स्क बाल्टिक सागर की खाड़ी को सफलतापूर्वक पार किया है और ऐसा करने वाले वो पहले पहले असमिया है। 

एल्विस ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि “ये एक बहुत ही मुश्किल, साहसिक काम था। क्योंकि मुझे बहुत सारी जेलीफ़िश, ज़बरदस्त ठंड, समुद्री जीव और सील के साथ तैरना था। खारा पानी, तेज़ पानी की लहरों ने मेरी यात्रा को और अधिक मुश्किल बना दिया था। तैराकी बहुत ही थका देने वाली थी। ऐसा करने के बाद यह मेरे और असम के लोगों के लिए एक सपने के सच होने जैसा था।”

41 साल के एल्विस ने पहले भी दुनियाभर के कई चुनौतीपूर्ण चैनलों को पार किया हैं। वो उत्तर पूर्व भारत के पहले है जिन्होने नॉर्थ चैनल को सफलतापूर्वक तैरकर पार किया है। इसके अलावा एल्विस ने 2019 में कैटलिना चैनल (यूएसए) और 2020 में लगातार दो बार मुंबई के तट से अरब सागर को तैरकर सफलता हासिल की थी। 

मां कामाख्या और मां बगलामुखी के भक्त एल्विस अली हजारिका नए कीर्तिमान स्थापित कर भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक बन गए हैं। उन्होने महज़ सात साल की उम्र में तैराकी शुरू की थी और अब अपने करियर में करीब 23 राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए चुके हैं। उन्होंने लगभग 68 पदक जीते, जिसमें 20 अंतरराष्ट्रीय पदक शामिल थे।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: Green Man of U.P: प्रदीप डाहलिया मुफ़्त में देते हैं पौधे, लेकिन पूरी करनी होती है ये शर्त

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

गांव की चौखट से GI टैग तक: बिहार की पिड़िया कला की नई उड़ान

जब भी बिहार की लोककलाओं की बात होती है,...

जदीद उर्दू फ़िक्शन का बादशाह: मुंशी प्रेमचंद की क़लम जिसने समाज का आईना दिखाया

"बेहतरीन अफ़साना वही है जिसकी बुनियाद इंसानी नफ़्सियात पर...

गुलज़ार देहलवी: उर्दू, इंसानियत और गंगा-जमुनी तहज़ीब के सच्चे पासदार

"उम्र जो बे-ख़ुदी में गुज़री है, बस वही आगही...

Topics

गांव की चौखट से GI टैग तक: बिहार की पिड़िया कला की नई उड़ान

जब भी बिहार की लोककलाओं की बात होती है,...

जदीद उर्दू फ़िक्शन का बादशाह: मुंशी प्रेमचंद की क़लम जिसने समाज का आईना दिखाया

"बेहतरीन अफ़साना वही है जिसकी बुनियाद इंसानी नफ़्सियात पर...

दुष्यंत कुमार: जिसने ग़ज़ल को आम आदमी की आवाज़ बना दिया

"मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,हो...

700 साल पुरानी रामचरितमानस और दरगाह से मिली 300 साल पुरानी पांडुलिपियां

भारत की पहचान सिर्फ़ उसके किले, मंदिर और ऐतिहासिक...

पंजाब का Mini Goa, ख़ूबसूरत नज़ारे और एडवेंचर एक साथ

पंजाब को लोग उसकी ज़िंदादिली, खेती और स्वादिष्ट खाने...

Related Articles

Popular Categories