Saturday, June 6, 2026
32.9 C
Delhi

निसार फाउंडेशन: महज़ 30 रुपये में इलाज और महिलाओं को सशक्त बनाने का संकल्प

पुणे के हाफ़िज़ शेख़ निसार फाउंडेशन के ज़रिए समाज सेवा कर रहे हैं। उन्होंने 2016 में निसार फाउंडेशन की शुरुआत की थी। उनके दो अस्पताल हैं जहां डॉक्टर के अलावा आठ कर्मचारी काम करते हैं। अस्पताल में सिर्फ 30 रुपये में मरीज़ों का इलाज किया जाता है। इसमें मेडिकल जांच और दो दिन की दवाईयां शामिल होती हैं। हाफ़िज़ शेख़ ने भाग्योदय नगर और कोंढवा के नवाजिश चौक पर निसार नाम से दो डिस्पेंसरियां भी बनाई हैं।

हाफ़िज़ शेख़ ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि, “इस काम से मुझे बहुत संतुष्टि मिलती है। संगठन का काम बहुत अच्छे से चल रहा है। इस संगठन में कई निस्वार्थ और समर्पित कार्यकर्ता काम करते हैं। गरीबी और इलाज के दौरान मरीजों को होने वाले उत्पीड़न को ध्यान में रखते हुए मैंने ये काम करने का फैसला किया। हम इसमें किसी की जाति-धर्म या गरीब-अमीरी नहीं देखते बल्कि यहां हर वर्ग के मरीज को अच्छी गुणवत्ता वाला इलाज देने की कोशिश करते हैं।”

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए दी जाती है वोकेशनल ट्रेनिंग

हाफ़िज़ का मानना है कि ख़िदमत से ख़ुदा मिलता है। उन्हे सामाजिक कार्य की प्रेरणा उनके धर्म से मिलती है। अगर समाज में संतुलन बनाए रखना है तो ज़रूरतमंदों की मदद करना ज़रूरी है। मरीज़ों की देखभाल के साथ-साथ हाफ़िज़ महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में भी काम करते हैं। निसार फाउंडेशन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने का काम करता है।

संस्थान ने महिलाओं को नौकरी दिलाने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत की। महिलाएं 10वीं के बाद नर्सिंग, पैरामेडिकल कोर्स, स्पोकन इंग्लिश, टेलरिंग, मेहंदी, ब्यूटी पार्लर, मेकअप ट्रेनिंग, फैशन डिजाइनिंग जैसे कई कोर्स कर सकती हैं। कोर्स के बाद महिलाओं को डिग्री प्रदान की जाती है। इसके अलावा हाफ़िज़ शेख़ उन बच्चों के लिए मुफ़्त कक्षाएं शुरू की हैं जो पैसों की कमी के कारण क्लास की फीस नहीं दे सकते हैं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: कश्मीर की कला में पश्मीना और आधुनिक चरखा से निखार 

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार...

Topics

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार...

कॉपरनिकस की दास्तान

ब्लैक डैथ हैजे से फैली महामारी थी जिसने यूरोप...

Related Articles

Popular Categories