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वीर अब्दुल हमीद बने NCERT के पाठ्यक्रम का हिस्सा

एनसीईआरटी की क्लास 6th की किताब में “राष्ट्रीय युद्ध स्मारक” विषय को सेलेब्स में जोड़ा गया है। इसके साथ ही भारतीय सेना के जवान वीर अब्दुल हमीद पर एक चैप्टर किताबों में शामिल किया गया है। आवाज़ द वॉयस के मुताबिक ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक’ और ‘वीर अब्दुल हमीद’ पर चैप्टर को रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने मिलकर शुरू किया है।

इस चैप्टर का उद्देश्य बच्चों में देशभक्ति, कर्तव्य के प्रति समर्पण, साहस और बलिदान को विकसित करना है। इसके साथ ही इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना भी है।

अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेमकरण सेक्टर के आसल उत्ताड़ में लड़े गए युद्ध में बहादुरी दिखाते हुए शहीद हो गए थे। अब्दुल हमीद के साहस और वीरता के लिए मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसके बाद 28 जनवरी, 2000 को भारतीय डाक विभाग ने वीरता पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में पांच डाक टिकटों के सेट में 3 रुपये का डाक टिकट जारी किया था। इस डाक टिकट पर वीर अब्दुल हमीद की तस्वीर थी, जिसमें वो रिकॉयलेस राइफल से गोली चलाते हुए जीप पर सवार नजर आ रहे थे।

पीएम मोदी ने 25 फरवरी 2019 को सेंट्रल विस्टा ‘सी’ हेक्सागोनल, इंडिया गेट, नई दिल्ली में ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक’ राष्ट्र को समर्पित किया था। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की स्थापना हर नागरिक में नैतिक मूल्यों, बलिदान, राष्ट्रीय भावना और अपनेपन की भावना पैदा करने और उन सैनिकों को उचित श्रद्धांजलि देने के लिए की गई थी, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए

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