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सबा नक्शबंदी: एक Homemaker से नेशनल बेकिंग चैंपियन तक का शानदार सफ़र  

एक सपने की शुरुआत

सबा नक्शबंदी (Saba Naqshbandi), श्रीनगर के नौगाम अलीबाग की एक साधारण गृहिणी, पूर्व शिक्षिका और दो बच्चों की माँ। जिन्होंने मात्र 7 दिन के बेकिंग कोर्स को अपनी जिंदगी बदलने का मौका बनाया। 2022 में एक छोटे से कोर्स से शुरुआत करके, 2024 तक वह IHM (इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट) के नेशनल बेकिंग कॉम्पिटिशन में फर्स्ट रनर-अप बनकर देशभर में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

उनकी कहानी सिर्फ बेकिंग की नहीं, बल्कि हौसले, परिवार के सपोर्ट और खुद पर भरोसे की मिसाल है। आइए जानते हैं कैसे एक गृहिणी ने अपने शौक को सफल बिज़नेस में बदला।

वो दिन जब बेकिंग का सफ़र शुरू हुआ

सबा नक्शबंदी (Saba Naqshbandi) पेशे से एमकॉम ग्रेजुएट और एक टीचर रह चुकी हैं। लेकिन बच्चों की परवरिश के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। घर और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच वह कुछ ऐसा करना चाहती थीं, जो उन्हें खुशी दे। फरवरी 2022 में उन्होंने बेक आर्ट एकेडमी से एक छोटा सा 7-दिवसीय बेकिंग कोर्स ज्वाइन किया। यह कोर्स उनके लिए Unexpected था, लेकिन इसने उनकी जिंदगी बदल दी।

‘मैंने पहले कभी बेकिंग नहीं की थी, बस घर पर बच्चों के लिए ब्रेड, पिज़्ज़ा बना लेती थी। लेकिन जब मैंने कोर्स किया, तो लगा कि यही मेरा पैशन है।’

उनके पति ने उन्हें प्रोत्साहित किया, और उनके माता-पिता ने बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली, ताकि वह पूरी तरह से बेकिंग सीख सकें।

घर से शुरू किया बिज़नेस, बनीं नेशनल लेवल की बेकर

शुरुआत में सबा ने ‘ऑफिशियल चॉकलेट फ्यूजन’ नाम से चॉकलेट्स बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने केक्स, कपकेक्स और अन्य बेकरी आइटम्स भी बनाने शुरू किए। उनकी क्रिएटिविटी और हार्ड वर्क ने उन्हें जल्द ही स्थानीय स्तर पर पहचान दिला दी।

IHM नेशनल बेकिंग कॉम्पिटिशन: जहां सबा ने इतिहास रचा

दिसंबर 2024 में, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) के नेशनल बेकिंग कॉम्पिटिशन में सबा ने हिस्सा लिया। यहां देशभर के अनुभवी बेकर्स मौजूद थे, लेकिन सबा ने अपनी क्रिएटिविटी और मेहनत से सबको चौंका दिया।

‘कॉम्पिटिशन का थीम ‘विंटर कार्निवल’ था। मैंने हैंडमेड प्रॉप्स बनाए और फोंडेंट आर्ट से एक खूबसूरत केक तैयार किया। मुझे विश्वास नहीं हुआ जब मैं फर्स्ट रनर-अप बनी’

यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि वह एक गृहिणी थीं, जिन्होंने बेकिंग को सिर्फ 2 साल पहले शुरू किया था।

डेली रूटीन: घर, बच्चे और बेकिंग का बैलेंस

सबा के लिए टाइम मैनेजमेंट सबसे ज़रूरी है। वह सुबह जल्दी उठकर बच्चों को स्कूल भेजती हैं, फिर बेटी की देखभाल करती हैं। दिन के बीच में वह बेकिंग के ऑर्डर्स पूरे करती हैं।

‘मैं मल्टीटास्कर हूं। बेकिंग मेरे लिए थेरेपी है। मैं घर के काम और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच बेकिंग को एंजॉय करती हूं।’

उनका मानना है कि अगर कोई महिला चाहे, तो वह घर और करियर दोनों संभाल सकती है।

क्या ख़ास है सबा के प्रोडक्ट्स में?

सबा के बेकरी आइटम्स की खासियत है क्वालिटी और क्रिएटिविटी। उनके कुछ बेस्टसेलिंग प्रोडक्ट्स:

  • हैंडमेड चॉकलेट्स (जो बाज़ार में कहीं नहीं मिलतीं)
  • थीम-बेस्ड केक्स (विंटर कार्निवल, फैंटेसी डिजाइन्स)
  • कस्टमाइज्ड बेंटो केक्स (450 रूपये से शुरू)

वह हाई-क्वालिटी क्रीम और इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करती हैं, जिससे उनके कस्टमर्स लगातार वापस आते हैं।

समाज को मैसेज: ‘हर होम मेकर को अपने आप पर प्राउड होना चाहिए’

सबा का मानना है कि “एक गृहिणी का काम भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना किसी वर्किंग वुमन का।” वह दूसरी गृहिणियों को संदेश देती हैं:

‘अगर आपको कुछ करने का शौक है, तो ज़रूर करें। आप घर संभालते हुए भी अपने सपने पूरे कर सकती हैं। बस अपने आप पर भरोसा रखें और कंसिस्टेंट रहें।

फ्यूचर प्लानिंग: एक कैफे खोलने का ख़्वाब

सबा अब अपना कैफे खोलना चाहती हैं। उनका मानना है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो अल्लाह हर मुश्किल आसान कर देता है।

 एक प्रेरणा की कहानी

सबा नक्शबंदी की कहानी साबित करती है कि उम्र, बैकग्राउंड या जिम्मेदारियां सपनों की राह में रोड़ा नहीं बन सकतीं। अगर आपमें जुनून है, तो आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

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