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सोलापुर के जमील खान पठान ने शुरू किया रोटी बैंक

महाराष्ट्र के सोलापुर में ‘फेमस बहुद्देशीय समाजसेवी संस्था’ ने एक अनोखी मुहीमरोटी बैंक की शुरुआत की. इस मुहिम की शुरुआत 2017 में सोलापुर के जमील खान पठान और उनसे जुड़े 11 सदस्यों द्वारा की गई. जमील पठान इस संस्था के अध्यक्ष हैं.

रोटी बैंक द्वारा जमील खान का एकलौता मकसद सभी गरीब और जरूरतमंदों तक पेटभर मुफ़्त खाना पहुचाना हैं. रात में कोई भूखा ना सोए, इस उद्देश्य को लेकर संस्था के अध्यक्ष जमील खान पठान और उनकी टीम ने अपनी इस नेकी की शुरुआत सोलापुर के सरकारी सिविल हॉस्पिटल से की.

सिविल हॉस्पिटल में राज्य के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों से बहुत से गरीब लोग इलाज करवाने आते हैं. सिविल हॉस्पिटल के आस-पास कही भी खाने की कोई उचित व्यवस्था नहीं हैं. इसकी वज़ह से बहुत से मरीज़ और उनके साथ आए लोगों को रात में भूखा सोना पड़ता है. इस बात से नाखुश जमील पठान और उनके कुछ दोस्तों ने मिलकर रोटी बैंक की पहल शुरू की। रोटी बैंक पिछले 5 सालों से हर रोज़ रात में गरीब मरीजों व उनके परिवारजनों को खाना देने का काम कर रही हैं. रोटी बैंक का रोजाना खर्च संस्था के सभी सदस्य मिलकर उठाते हैं.

हर रोज़ लगभग 300 से ज़्यादा जरूरतमन्द लोग रोटी बैंक द्वारा अपना पेट भरते है. जमील खान पठान पहले भी सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं. वह एक घटना को याद करते हुए कहते है कि एक बार वह सिविल हॉस्पिटल मे अपने किसी रिश्तेदार से मिलने आए थे. उसी दिन उनसे किसी महिला ने रात 11:30 बजे खाना मांगा. वह तुरंत तो उस औरत की कोई मदद नहीं कर पाए, लेकिन वह उसी समय अपने घर गए और हॉस्पिटल खाने के साथ वापस आए। उस महिला ने उन्हे बहुत दुआए दी. जमील खान इस घटना से काफ़ी प्रभावित हुए. इसी के बाद से उन्होंने यह ठाना कि वह समाज सेवा के लिए रोटी बैंक की शुरुआत करेंगे.

रोटी बैंक के माध्यम से हर रोज़ सोलापुर के सरकारी हॉस्पिटल के बाहर करीब 200 लोगों को मुफ्त खाना खिलाया जा रहा हैं. रोटी बैंक के सदस्य शहर में आयोजित कार्यक्रमों से खाना एकत्रित करते हैं और हॉस्पिटल के पास सभी लोगों को बांटते हैं.

रोटी बैंक की इस पहल को देखते हुए शहर के कई दूसरे लोग भी मदद के लिए आगे आ रहे हैं. जमील पठान और उनकी टीम के माध्यम से हॉस्पिटल में आने वाले गरीब जरूरतमंद लोगों को काफी राहत मिल रही है।

आने वाले दिनों मे रोटी बैंक का उदेश्य इस मुहीम को और आगे बढ़ाना है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके।

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