Italy में इन दिनों भारत की तहज़ीब, रूहानियत और हिन्दी ज़ुबान की ख़ास झलक देखने को मिल रही है। एक तरफ़ रोम के उत्तरी इलाके में बना ‘निर्मल हाउस’ योग, ध्यान और हिंदुस्तानी संगीत का अहम मरकज़ बना हुआ है, तो दूसरी तरफ़ रोम के मशहूर पियाज़ा नवोना चौक में मौजूद ऐतिहासिक फव्वारे में भारत की पवित्र गंगा नदी को एशिया की नुमाइंदगी करते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा इटली के लोगों में हिन्दी के लिए भी काफ़ी दिलचस्पी और मोहब्बत देखने को मिल रही है। ये सब भारत और इटली के बीच मज़बूत होते सांस्कृतिक रिश्तों की ख़ूबसूरत तस्वीर पेश करता है।
Italy के बीचोंबीच बसा भारत का रूहानी संसार
राजधानी रोम की भीड़भाड़ और ऐतिहासिक इमारतों से दूर एक शांत ग्रामीण इलाके में बना ‘निर्मल हाउस’ इन दिनों भारतीय रूहानियत का ख़ास मरकज़ बना हुआ है। यहां Italy के अलग-अलग शहरों से लोग आते हैं और योग, ध्यान, संगीत और भारतीय फ़लसफ़े के ज़रिए सुकून और अपनापन महसूस करते हैं। निर्मल हाउस का माहौल पूरी तरह भारतीय रंग में रंगा नज़र आता है। यहां तबले की थाप, संस्कृत भजन और ध्यान के मंत्रों की आवाज़ गूंजती रहती है। सामूहिक ध्यान के दौरान लोग ख़ामोशी से बैठकर अपने अंदरूनी सुकून को महसूस करते हैं। कई लोग भारतीय शास्त्रीय नृत्य की मुद्राएं भी सीख रहे हैं।
यहां आने वाले लोगों के लिए भारत सिर्फ़ एक मुल्क़ नहीं, बल्कि पुरानी रूहानी परंपराओं और इल्म की सरज़मीन है। कुछ लोगों ने कई साल पहले योग अपनाया था, जबकि कुछ लोगों को मुश्किल वक़्त में ध्यान और रूहानियत से सहारा मिला। अब ये सफ़र उनकी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। यहां मौजूद लोग भारत के लिए इज़्ज़त, अपनापन और गहरी मोहब्बत ज़ाहिर करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Italy यात्रा के दौरान भी दोनों मुल्क़ों के सांस्कृतिक रिश्तों की चर्चा तेज़ हुई है। भारत और Italy व्यापार, रक्षा और दूसरी साझेदारियों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन योग और ध्यान के ज़रिए लोगों के दिलों में जो रिश्ता बन रहा है, उसकी अहमियत सबसे अलग मानी जा रही है।

रोम के ऐतिहासिक फव्वारे में गंगा नदी की झलक
रोम के मशहूर Piazza Navona चौक में बना एक ऐतिहासिक फव्वारा भी भारत से जुड़ी ख़ास पहचान रखता है। इस फव्वारे में दुनिया के चार बड़े महाद्वीपों की अहम नदियों को दिखाया गया है। इनमें एशिया की नुमाइंदगी भारत की गंगा नदी करती है। गंगा नदी को यहां एशिया की सबसे अहम नदी के तौर पर पेश किया गया है। भारत के लिए गंगा सिर्फ़ एक नदी नहीं, बल्कि आस्था, तहज़ीब और इतिहास की निशानी मानी जाती है।
यही वजह है कि रोम जैसे ऐतिहासिक शहर में गंगा की मौजूदगी भारतीयों के लिए फ़ख्र की बात मानी जाती है। हर साल दुनिया भर से लाखों सैलानी इस जगह को देखने पहुंचते हैं। वहां मौजूद गंगा नदी की झलक भारत की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने और मज़बूती से पेश करती है। ये दिखाता है कि भारतीय सभ्यता और उसकी परंपराओं का असर दुनिया के दूसरे मुल्क़ों तक भी पहुंच चुका है।
Italy में हिन्दी ज़ुबान के लिए बढ़ता प्यार
भारत की तहज़ीब के साथ-साथ हिन्दी ज़ुबान का असर भी दुनिया भर में बढ़ रहा है। इटली में भी कई लोग हिन्दी सीखने और बोलने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वहां के लोगों का कहना है कि हिंदी एक बेहद ख़ूबसूरत और आसान ज़ुबान है, जिसमें कई दूसरी भाषाओं के शब्द शामिल हैं। इसी वजह से ये भाषा उन्हें अपनापन महसूस कराती है। इटली में कुछ लोग भारतीय फ़िल्मों और गानों के ज़रिए हिन्दी से जुड़े, जबकि कई लोगों ने योग और भारतीय संस्कृति को समझने के लिए हिन्दी सीखनी शुरू की। लोगों का कहना है कि हिन्दी और संस्कृत सीखो और दूसरे लोगों को सिखाओ।
हिन्दी समुद्र की तरह है, जिसमें अलग-अलग भाषाएं नदियों की तरह आकर मिलती हैं। अरबी, फ़ारसी और संस्कृत भाषाओं के शब्द इसमे मिलते हैं। हिन्दी एक संसार की तरह है और उसकी पहचान मज़बूत है। कई विदेशी लोग आम हिन्दी शब्द और छोटे-छोटे जुमले आसानी से बोलते है। उनका मानना है कि हिन्दी अब धीरे-धीरे दुनिया की बड़ी ज़ुबानों में अपनी जगह बना रही है। सोशल मीडिया, बॉलीवुड, संगीत और योग ने हिन्दी को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
दिलों को जोड़ता सांस्कृतिक रिश्ता
Italy में योग, ध्यान, भारतीय संगीत, गंगा नदी और हिन्दी भाषा के लिए दिख रहा प्यार इस बात का सबूत है कि भारत की तहज़ीब सरहदों से बहुत आगे तक पहुंच चुकी है। ये सिर्फ़ दो देशों के बीच रिश्ता नहीं, बल्कि लोगों के दिलों का जुड़ाव बनता जा रहा है। एक तरफ़ निर्मल हाउस में लोग भारतीय रूहानियत से जुड़ रहे हैं, दूसरी तरफ़ रोम के ऐतिहासिक स्थल भारत की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान दे रहे हैं। वहीं हिन्दी भाषा के लिए बढ़ती दिलचस्पी ये बताती है कि भारतीय संस्कृति और सोच दुनिया भर के लोगों को लगातार अपनी तरफ़ खींच रही है।
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