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ज़रूरतमंदों का हाथ थाम मंज़िल की राह दिखाते मिर्ज़ा बेग और रूबी ख़ान

समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो दूसरों की परेशानियों को अपना समझ कर मदद के लिए आगे आते हैं। इन्हीं में से एक है एयरलाइन पायलट कैप्टन मिर्ज़ा मोहतशिम बेग और उनकी पत्नी रूबी ख़ान। लोगों की छोटी-छोटी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए मिर्ज़ा बेग और रूबी ख़ान ने ‘टीच देम हाउ टू कैच ए फिश, डोंट गिव हिम ए फिश’ लाइन के साथ ज़रूरतमंदों के लिए काम शुरू किए।  

मिर्ज़ा बेग और रूबी ख़ान ने जयपुर का पहला आधार कार्ड कैंप लगवाया, जिसमें हज़ारों लोगों के आधार कार्ड बनवाएं और उस कैंप का सारा खर्चा उठाया। ये कपल आंख, नाक, कान, गला, करियर गाइडेंस शिविर भी लगवाते हैं। इसके साथ ही साफ सफाई के मद्देनज़र रखते हुए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों और मस्ज़िदों में डस्टबिन भी लगवाते हैं।  

कैप्टन मिर्जा राजस्थान के एकमात्र मुस्लिम पायलट हैं जो बीते 25 सालों से हवाई जहाज उड़ा रहे हैं। वहीं रूबी ख़ान पेशे से एक लेखिका, राजनेता और समाजसेविका हैं। रूबी ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि ‘अल्लाह ने उनको एक नेक शौहर दिए है। शादी के कुछ महीनों बाद मैंने अपने शौहर की मदद से साल 2004 में मिसेज़ जयपुर का खिताब जीता था और इस कामयाबी से ये साबित कर दिया कि अपनी सभ्यता और संस्कृति को लांघे बिना भी खिताब हासिल किया जा सकता है।’

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ये भी पढ़ें: मिजवां वेलफेयर सोसाइटी कैसे बन रही है महिलाओं का रोज़गार

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