Tuesday, July 14, 2026
34.9 C
Delhi

स्वर्णिम कश्मीर की ख़ूबसूरत तस्वीर, घाटी में बहाल होता पर्यटन

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में पर्यटन फिर से लौट रहा है। साफ हवा, ख़ूबसूरत पहाड़ियां, बहती नदियां और यहां की हरियाली बाहें फैलाए लोगों को आकर्षित करती। लेकिन पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने कश्मीर के ताने-बाने को गंभीर नुकसान पहुंचाया। अब कश्मीर में पहले के मुकाबले हालात सामान्य हो रहे हैं। पिछले लगभग एक दशक में केंद्र सरकार ने आतंकवादियों और आतंक के प्रायोजकों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता यानी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई।

कश्मीर के लोगों के मन में फिर से अपने स्वर्णिम दिनों को पाने की लालसा जाग उठी है। आतंकवादी गतिविधियों पर नकेल कसने और धारा 370 हटने के बाद स्थापित शांति के कारण कश्मीर में टूरिस्ट उद्योग एक बार फिर पटरी पर लौट आया है, जो यहां के लोगों की आमदनी का मुख्य ज़रिया है। 

प्रशासन अब कश्मीर में अलग अलग टूरिस्ट स्पॉटों पर पर्यटन उत्सव आयोजित कर कहा है, जिससे पर्यटन को गति मिली है। अब कई जगहों पर पर्यटन उत्सव मनाने की मांग हो रही है। तुलैल घाटी में टूरिस्ट उत्सव के लिए एक स्थानीय नागरिक मोहम्मद अयूब का कहना है, “तुलैल घाटी में टूरिस्ट महोत्सव का आयोजन न केवल हमारी घाटी की सुंदरता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक अवसरों के लिए एक मंच भी प्रदान करेगा, जो एक उभरते पर्यटक हॉटस्पॉट के रूप में तुलैल की स्थिति को और मज़बूत करेगा।”

आपको बता दे कि हाल ही में यहां आयोजित जी 20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक काफी सकारात्मक रही, जो जम्मू-कश्मीर पर्यटन के विकास के लिए गेम चेंजर साबित होगी।

जिन इलाकों को आतंकवाद के कारण असुरक्षित माना जाता था वहां केंद्र सरकार द्वारा इन क्षेत्रों की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बुनियादी ढांचे, आवास, भोजन और सुरक्षा उपाय करने के प्रयास किए गए है। कश्मीर में दशकों बाद फिल्मों की शूटिंग हो रही है। खिलाड़ी नए कीर्तिमान गढ़ रहें है, यहां के युवा सिविल सर्विस, मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करके अपने सपने पूरे कर रहे है। वर्तमान में एक नए कश्मीर का तस्वीर बन रही है।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: विश्व शांति के लिए महत्वपूर्ण: भारत गणराज्य के साथ डॉ. मोहम्मद अब्दुलकरीम अल-इस्सा का दिलचस्प भ्रमण

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

लद्दाख में प्रशासनिक बदलाव: 7 स्वायत्त पहाड़ी परिषदों की घोषणा

लद्दाख के पहले के जम्मू-कश्मीर राज्य से अलग होकर...

खादी-कुचाई सिल्क : Global Stage पर छा रही है झारखंड की शान

झारखंड (Jharkhand) के गोड्डा, दुमका, खूंटी और रांची के...

सैयद ग़ुलाम भीक नैरंग: शायरी, सियासत और इल्म की रौशन शख़्सियत

उर्दू अदब की तारीख़ में सैयद ग़ुलाम भीक नैरंग...

गायब होता शिवलिंग, भगवान नाराज़ या मानवीय लापरवाही

ये बीस साल पहले की बात है। वर्ष 2006...

Topics

लद्दाख में प्रशासनिक बदलाव: 7 स्वायत्त पहाड़ी परिषदों की घोषणा

लद्दाख के पहले के जम्मू-कश्मीर राज्य से अलग होकर...

खादी-कुचाई सिल्क : Global Stage पर छा रही है झारखंड की शान

झारखंड (Jharkhand) के गोड्डा, दुमका, खूंटी और रांची के...

सैयद ग़ुलाम भीक नैरंग: शायरी, सियासत और इल्म की रौशन शख़्सियत

उर्दू अदब की तारीख़ में सैयद ग़ुलाम भीक नैरंग...

रेड कॉरिडोर से वापसी का रास्ता

सालों तक, दक्षिण बस्तर के जंगलों में रहने वाले...

मोहसिन ज़ैदी: सादगी, एहसास और उर्दू अदब की पहचान

उर्दू अदब की दुनिया में मोहसिन ज़ैदी ने ग़ज़ल...

मख़मूर सईदी: उर्दू अदब का संजीदा और फ़िक्रमंद शायर

उर्दू शायरी की दुनिया में मख़मूर सईदी का नाम...

Related Articles

Popular Categories