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भारतीय समाज में रीति-रिवाजों का महत्व

भारतीय समाज में रीति-रिवाजों का महत्व व्यक्तिगत समय, आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप होता है। ये रीति-रिवाज पीढ़ियों से आगे चलकर आते हैं और उनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी होता है। धर्म बदल जाते हैं, लेकिन रीति-रिवाज समय के साथ हस्तांतरित होते रहते हैं। कभी-कभी इनमें कुछ संशोधन और अतिरिक्त रीति-रिवाज भी जुड़ जाते हैं।

विश्वास किया जाता है कि इस्लाम ने भारत में 629 ईसवी में प्रवेश किया। इस्लाम को भारतीय समाज के सभी वर्गों ने अपनाया है। जाति के आधार पर विभाजित समाज ने धर्म तो बदल दिया, लेकिन कई रीति-रिवाज ऐसे रहे जो इस्लाम धर्म स्वीकार करने से पहले से ही मौजूद थे।

इस्लाम धर्म को अपनाने के बाद भी जाति के आधार पर बने रीति-रिवाज कभी-कभी मूल रूप में बने रहे और कभी उनमें परिवर्तन हुआ।

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