Sunday, May 31, 2026
32.1 C
Delhi

हजरत निजामुद्दीन दरगाह: कव्वालियों की राजधानी

सूफीज्म की प्राचीन कव्वाली कला, जो 700 साल पुरानी है, ईरान और अफगानिस्तान से भारत लाई गई। हजरत निजामुद्दीन दरगाह, दिल्ली की ‘राजधानी’, हर शाम कव्वाली महफिलों की शोभा सजाती है। यहां परंपरा अब तक बरकरार है और लोग जियारत करने के लिए घंटों इंतजार करते हैं।

कव्वाली के रोजगार से वे जीवन चलाते हैं और इससे बहुत खुश हैं। आजम निजामी, उम्र मात्र 25 साल, अपनी आवाज़ से लोगों को प्रभावित करते हैं।

आजम निजामी के परिवार में इस कला की परंपरा पुरानी है और उनके पिता और दादा भी कव्वाल रहे हैं। उन्हें अन्य प्रोग्रामों में भी बुलाया जाता है।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: आयुषी सिंह UP PCS पास कर DSP बनीं, कैसे की थी पढ़ाई?

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

रोगाणुओं की प्रतिरोध क्षमता का एआई के ज़रिये मुकाबला

यू.एस. सेंटर्स फ़ॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन भारत के...

भारत की ‘Tea City of India’: जिसकी चाय की चुस्कियां पूरी दुनिया लेती है

भारत में चाय (Tea) लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी...

Topics

रोगाणुओं की प्रतिरोध क्षमता का एआई के ज़रिये मुकाबला

यू.एस. सेंटर्स फ़ॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन भारत के...

भारत की ‘Tea City of India’: जिसकी चाय की चुस्कियां पूरी दुनिया लेती है

भारत में चाय (Tea) लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी...

उत्तराखंड की ट्रेडिशनल थाली: पहाड़ों की रूह, ज़ायकों का जश्न

ज़रा सोचिए... सुबह का वक़्त है। सामने बर्फ़ से...

Padma Shri 2026: 30 हज़ार शो, गायों की सेवा और Mir Haji Kasam का सफ़र

कुछ लोग अपनी बातों से पहचाने जाते हैं और...

Related Articles

Popular Categories