Friday, January 23, 2026
18.1 C
Delhi

Hazrat Khwaja Bahauddin Baba Faridi का 549वां उर्स गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल

हजरत ख्वाजा बहाउद्दीन बाबा फरीदी रहमतुल्लाह अलैह (Hazrat Khwaja Bahauddin Baba Faridi) के 549वां उर्स के मौक़े पर पंजाब से आए जत्थे ने दरगाह पर चादरपोशी की। दिनभर ज़ायरीनों का सिलसिला जारी रहा। महफ़िल में कव्वालों ने कलाम के ज़रिए बाबा का मरतबा और करामात बयां की। कव्वालों ने सूफ़ियाना कलाम के ज़रिए महफिल में समा बांध दिया।

देखिए दरगाह के सज्जादानशीन सलीम राशिद फ़रीदी, जसवन्त सिंह कुल और रिफ़ाकत फ़रीदी से ख़ास बातचीत।

Also Read: Crafting Organic Kashmir Soaps: Sana Aftab – An Insight into Her Journey

You can connect with DNN24 on FacebookTwitter, and Instagram and subscribe to our YouTube channel.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories