Tuesday, June 30, 2026
41.5 C
Delhi

धनतेरस के मौके पर हज़रत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में एकता और भाईचारे का संदेश

दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर धनतेरस के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द की ख़ूबसूरत तस्वीर सामने आई है। धनतेरस के मौके पर हज़रत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका मकसद समाज में भाईचारा कायम करना था। इस कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग इकट्ठा हुए और भारत के सांस्कृतिक ताने-बाने का जश्न मनाया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने समाज को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता की विशेषता को रेखांकित करते हुए इसे दुनिया के लिए एकता और अखंडता का प्रतीक बताया। उन्होंने इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर की शिक्षाओं का याद करते हुए कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है।

उन्होंने ख़ास तौर से मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने दुआ की है कि मुस्लिम समाज की बेटियां, बहनें, और बहुएं किसी भी तरह की अन्यायपूर्ण परंपराओं का शिकार न बनें। अपने अधिकारों की रक्षा और उन्हें समान अवसर देने की ज़रूरत है, ताकि वो समाज में सशक्त रूप से अपनी पहचान बना सकें। 

इसके अलावा उन्होंने जात-पात, छुआ-छूत और भेदभाव को समाप्त करने पर ज़ोर देते हुए कहा, “किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब उसमें सभी को समान अधिकार और अवसर मिले।”

धनतेरस और दीपावली जैसे पर्वों के दौरान पटाखों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा। कार्यक्रम के दौरान सभी धर्मों के लोगों ने साथ में दुआ की, इस कार्यक्रम में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें मोहम्मद अफ़जाल, गिरीश जुयाल, रजा हुसैन रिज़वी, अबु बकर नकवी, शालिनी अली, शाहिद सईद, हाफिज़ साबरीन, इमरान चौधरी, ताहिर हुसैन, केशव पटेल और शाकिर अली जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: एक चोट से शुरू हुई इत्र की अनोखी कहानी 

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

गुरु घरों में प्रसाद के तौर पर पौधे बांटकर पर्यावरण बचाने की अनोखी पहल

जब भी कोई पंजाब के किसी गुरुद्वारे में माथा...

क़मर जलालाबादी: जिनकी क़लम से निकले सदाबहार नग़मे 

"मेरा नाम चिन चिन चूं..." "आइए मेहरबां बैठिए जान-ए-जां..." इक दिल...

Topics

क़मर जलालाबादी: जिनकी क़लम से निकले सदाबहार नग़मे 

"मेरा नाम चिन चिन चूं..." "आइए मेहरबां बैठिए जान-ए-जां..." इक दिल...

Sullar Gharat: बिना बिजली और ईंधन के चलती 150 साल पुरानी अनोखी आटा चक्की

आज के मॉडर्न दौर में, जहां हर छोटी-बड़ी इंडस्ट्री...

एवरेस्ट से ऊंची जुन्को ताबेई

दूसरे विश्वयुद्ध का दौर जापान के लिए अभाव और...

Related Articles

Popular Categories