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धनक बाज़ार 2025: उद्यमशीलता, सशक्तिकरण और नवाचार का उत्सव

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) ने अंजुमन-ए-ख़वातीन (MAK) और SAFA संगठन के सहयोग से धनक बाजार 2025 का आयोजन कर एक नई मिसाल कायम की। यह आयोजन न सिर्फ़ महिलाओं में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने का ज़रिए बना, बल्कि युवाओं और कारीगरों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया। इस अवसर पर MANUU के चांसलर मुमताज़ अली ने कहा, “सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास बहुत ज़रूरी हैं।” कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने शिक्षण संस्थानों की ज़िम्मेदारी पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ़ ज्ञान देना नहीं है; यह समाज को सशक्त बनाने का साधन भी होना चाहिए और धनक बाज़ार इसका बेहतरीन उदाहरण है।”

40 से ज़्यादा स्टॉल्स और उद्योग जगत के एक्सपर्ट हुए शामिल

धनक बाज़ार 2025 में 40 से ज़्यादा स्टॉल्स ने हस्तनिर्मित वस्तुओं, स्टार्टअप और सांस्कृतिक प्रदर्शनियों की विविधता प्रस्तुत की। पूरे दिन कार्यशालाओं और पैनल चर्चाओं का आयोजन हुआ, जिसमें उद्योग जगत के एक्सपर्ट और उद्यमी शामिल हुए। SAFA की निदेशक रुबीना नफ़ीस फ़ातिमा ने कहा, “हमारा उद्देश्य उन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जो कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। धनक बाज़ार उनके सपनों को पंख देने की कोशिश है।” यह आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण, आर्थिक अवसरों और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बन गया। यह बाज़ार समर्पण और एकता से सामाजिक बदलाव संभव है।

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ये भी पढ़ें: उर्दू और फ़ारसी के समंदर, ग़ज़ल के ख़ुदा-ए-सुख़न शायर मीर तक़ी मीर 

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