Monday, January 26, 2026
20.1 C
Delhi

जब 28 साल बाद होटल मालिक अब्बास की वजह से अपने परिवार से मिले राजेश शिखावट

मध्य प्रदेश के रहने वाले राजेश शिखावट की परिवार से अनबन होने की वजह से वो मुंबई आ गए। यहां आने के बाद उन्हें कई मुश्किलात का सामना करना पड़ा लेकिन कभी घर वापस जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाएं। 28 साल बाद उन्हे मुंबई के क्लोरिया होटल के मालिक अब्बास ने उनके परिवार से मिलवाया। राजेश शिखावट की घर वापसी के लिए उनके पिता, जीजा, भाई मुम्बई के होटल क्लोरीया में पहुंचे और होटल मालिक अब्बास का शुक्रिया अदा किया।

राजेश के पिता को अपने बेटे से इतने सालों बाद मिलना सपने जैसा लगा। उन्होने कहा कि जब उनका बेटा घर छोड़कर निकला तो उन्होने उसे ढूंढने की कोशिश की लेकिन वो नहीं मिला। उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि वो अपने बेटे से दुबारा कभी मिल पायेंगें। फिर एक दिन मुम्बई का एक आदमी हमारे घर आया और हमें हमारे बेटे की जानकारी दी।

उस समय राजेश के पिता यकीन नहीं कर पा रहे थे कि उनका बेटा वापस मिल गया। उसी वक़्त उन्होने मुम्बई जाने का फैसला लिया। राजेश शिखावट के जीजा ने बताया कि जब हमे मुंबई में राजेश के होने की बात पता चली तो पहले उन्होंने वीडियो कॉल के ज़रिए ये बात पक्की की कि वो हमारा अपना राजेश ही है। इसके बाद वो राजेश को लेने गए। आज 28 साल बाद राजेश मालिक अब्बास की वजह से इंदौर अपने घर पहुंच पाएं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: कश्मीर की सायका राशिद: पेशे से इंजीनियर दिल से कैलीग्राफी आर्टिस्ट

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories