Friday, October 16, 2026
21.2 C
Delhi

हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह पर बसंत पंचमी का सूफ़ियाना रंग

बसंत पंचमी के अवसर पर दिल्ली की हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह पर एक अनोखी रौनक देखने को मिलती है। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे का प्रतीक भी है। हर साल इस ख़ास दिन पर दरगाह को पीले फूलों से सजाया जाता है। हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया और अमीर खुसरो के मज़ार पर पीली चादर चढ़ाई जाती है। यह परंपरा करीब 700 साल पुरानी मानी जाती है।

हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह के लिए अमीर खुसरो ने पहने पीले कपड़े

कहा जाता है कि अमीर खुसरो ने अपने गुरु हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया को खुश करने के लिए बसंत पंचमी का एक विशेष अंदाज़ अपनाया था। जब उन्होंने कुछ महिलाओं को पीले कपड़े पहनकर मंदिर जाते देखा, तो उन्होंने भी पीला वस्त्र धारण किया और सरसों के फूल लेकर नृत्य किया। यह देखकर हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया मुस्कुरा उठे, और तभी से इस परंपरा की शुरुआत हुई।

हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया को कोई संतान नहीं थी, लेकिन उन्हें अपने भांजे तकी उद्दीन से गहरा लगाव था। उनके निधन के बाद औलिया बहुत दुखी हो गए। तब उनके प्रिय शिष्य अमीर खुसरो ने अपने गुरु को खुश करने के लिए यह अनोखी पहल की। इस मौके पर दरगाह में “खुसरो की बसंत” नामक सूफ़ी महफिल आयोजित होती है, जिसमें प्रसिद्ध कव्वाल अपनी प्रस्तुति देते हैं। इस साल भी कई मशहूर कव्वालों ने अपनी गायकी से माहौल को सूफ़ियाना बना दिया।

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: अमीर ख़ुसरो: शायरी, सूफ़ियत और हिन्दुस्तानी तहज़ीब का नायाब नगीना

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

Topics

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

मुजतबा हुसैन: हंसी के पीछे छुपी सच्चाई का बेमिसाल क़लमकार

उर्दू अदब में तंज़-ओ-मज़ाह की बात हो और मुजतबा...

Balbir Singh Senior: भारतीय हॉकी को गोल्ड की राह दिखाने वाले

भारतीय हॉकी के इतिहास में जब भी बड़े खिलाड़ियों...

Related Articles

Popular Categories