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गणेश चतुर्थी उत्सव पर कौमी एकता का संदेश देता शाहीद मुलाणी का परिवार

महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले के नातेपुर शहर का एक परिवार साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा है। शाहीद मुलाणी और उनके भाई सिकंदर मुलाणी, नौशाद मुलाणी केवल अपने त्योहार ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक त्योहारों को भी बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। चाहे ईद हो या दीवाली, सभी अवसरों पर उनका परिवार दान करता है। इस बार गणेश चतुर्थी के मौके पर मुलाणी परिवार ने गणेश भक्तों को निशुल्क गणेश जी की मूर्तियां बांटी।

शाहीद ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि, “हम इस उपक्रम के ज़रिए सभी धर्मों के प्रति समान भाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और हिंदू भाइयों की खुशी में शामिल होने के लिए इस गणेशोत्सव पर हमने मुफ़्त गणेश मूर्तियां देने का फैसला लिया। गणपति सभी के दिल के करीब हैं, इसलिए हमें लगता है कि हमारे इस छोटे से प्रयास से समाज में एकता बढ़ेगी।”

गणेश चतुर्थी के उत्सव पर गणेश मूर्तियों का वितरण नातेपुते पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक महारुद्र परजणे की मौजूदगी में किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “मुलाणी परिवार का यह प्रयास धर्मों के बीच एकता का एक शानदार उदाहरण है। शाहीद, सिकंदर और नौशाद मुलाणी भाइयों ने हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया है। इस प्रकार का प्रयास पूरे भारत में होना चाहिए।”

मुलाणी परिवार ने सामाजिक कार्यों के लिए रज़ा फाउंडेशन की स्थापना की है। इसके ज़रिए वो सामाजिक कार्य कर रहे हैं और साथ ही आपसी भाईचारा बढ़ाने का संदेश भी देते हैं। 

शाहीद मलाणी होटल व्यवसाय से जुड़े हुए है। उनके सागर नाम से शहर में दो होटल हैं। ये होटल अपने बेहतरीन ज़ायकों के लिए मशहूर है। अपने होटल के ज़रिए वो लोगों को रोज़गार भी दे रहे हैं। मुलाणी परिवार का ये सराहनीय काम भारतीय संस्कृति की सच्ची झलक पेश करता है।

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