Sunday, July 12, 2026
36.9 C
Delhi

होली का शुभ मुहूर्त: जानिए इस साल का सही समय

असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक रूप में रंगों का त्योहार होली इस बार 24 मार्च को मनाई जाएगी। होलिका दहन रात 11ः07 बजे से 12ः18 बजे तक होगा। जबकि रंग खेला यानी धुलेंडी अगले दिन 25 मार्च को होगी। जानिए होली के मुख्य मुहूर्त के बारे में।

प्रज्वलन मुहूर्त: रात 11.07 बजे से 12ः18 बजे तक
भद्रा पूंछा का समापन: रात 11ः58 बजे
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त: रात 12ः18 बजे से 1ः07 बजे तक
धुलेंडी 25 मार्च की सुबह 7ः07 बजे से 12ः18 बजे तक


होली और चंद्र ग्रहण

इस बार होली पर चंद्र ग्रहण भी होगा। चंद्र ग्रहण 25 मार्च को सुबह 10ः23 बजे से प्रारंभ होगा और दोपहर 3ः02 बजे तक चलेगा। चूंकि चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन की जाती है और उसके अगले दिन, यानी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को रंगों भरी होली खेली जाती है।

होली के त्योहार की तैयारियाँ पूरे देश में जोर-शोर से हो रही हैं। लोग रंग, पिचकारी, मिठाई आदि खरीद रहे हैं। घरों को सजाया जा रहा है और स्वादिष्ट व्यंजनों की तैयारियाँ की जा रही हैं। होली का त्योहार भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है। आइए हम इस त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मनाएं और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दें।

होली के त्योहार पर सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्वलनशील पदार्थों का सावधानी से प्रयोग करें और पानी बचाने का भी ध्यान रखें।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: हिन्द के गुलशन में जब आती है होली की बहार

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

सैय्यद अहमदउल्लाह क़ादरी: उर्दू अदब, सहाफ़त और क़ौमी यकजहती के अलमबरदार     

उर्दू अदब और सहाफ़त की दुनिया में लिसान-उल-मुल्क सैय्यद...

कैनबरा से तमिलनाडु तक: ऑस्ट्रेलिया ने लौटाई भारत की 12वीं सदी की चोरी हुई मूर्तियां

सदियों पुरानी विरासत और गौरवशाली अतीत को संजोए हुए...

जिस लंगड़े आम पर शायर मर मिटे

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन जून के तीसरे-चौथे...

Topics

सैय्यद अहमदउल्लाह क़ादरी: उर्दू अदब, सहाफ़त और क़ौमी यकजहती के अलमबरदार     

उर्दू अदब और सहाफ़त की दुनिया में लिसान-उल-मुल्क सैय्यद...

जिस लंगड़े आम पर शायर मर मिटे

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन जून के तीसरे-चौथे...

अमेरिका कैसे तैयार करता है खेल चैंपियन और उद्योग

ग्लोबल स्पोर्ट्स मेंटरिंग प्रोग्राम की पूर्व प्रतिभागी वैदेही वैद्य...

बेख़ुद देहलवी: दाग़ की रिवायत, दिल्ली की ज़बान और इश्क़ की ख़ूबसूरत शायरी

"आइना देख कर वो ये समझेमिल गया हुस्न-ए-बे-मिसाल हमें।" यह...

जाज़िब क़ुरैशी: उर्दू शायरी की महक से महफ़िलें सजाने वाला फ़नकार 

"तेरी यादों की चमकती हुई मशअल के सिवा,मेरी आंखों...

Related Articles

Popular Categories