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मेवात के मदन तंवर हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बढ़ाने के लिए रखते हैं रोज़े

इबादत का महीना रमज़ान चल रहा है और रोज़ेदार रोज़ा रख रहें हैं। इस महीने में रोज़ा रखने की बात आती है तो हरियाणा में मेवात शहर के रहने वाले मदन तंवर पूरी शिद्दत और एहतराम के साथ रोज़े रखते हैं। हिंदू होने के बावजूद वो पूरे 30 रोज़े रखते हैं। उनका रोज़ा रखने का उद्देश्य मेवात के हिंदू मुस्लिम भाईचारे में मज़बूती बढ़ाना है।

मदन तंवर को रमज़ान के महीने में रोजा रखकर अच्छा महसूस होता है। वो रोजा रखने का तजुर्बा लेना चाहते हैं। उनकी इस पहल से मेवात में भाईचारा, एकता और सौहार्द भी देखने को मिल रहा है। मदन कहते हैं कि जैसे हिंदू धर्म में व्रत रखते हैं ऐसे ही वो रोजे रख रहे हैं। उनके इस फैसले के लिए लोगों ने उनकी जमकर तारीफ भी की है।

मोहम्मद मदन तंवर कहकर पुकारते हैं लोग

रोज़ा रखने की शुरूआत उन्होंने 2022 में की थी। मदन तंवर ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि उनकी इस पहल में उनका परिवार और उनके रिश्तेदार साथ हैं, लेकिन कुछ लोगों को उनका रोज़ा रखना पसंद नहीं है। बहुत से लोग उन्हें मोहम्मद मदन तंवर कहकर पुकारते हैं। ये नाम सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगता है क्योंकि उनका नाम किसी ऐसे शख्स के साथ जोड़ा जाता है, जो दुनिया के लिए एक मिसाल है और एक पैगंबर है।

मदन तंवर ने बताया कि दो साल पहले नूंह में एक इस्लामिक जलसा संपन्न हुआ था, जिसमे उन्होंने तीन दिन तक ‘मोहब्बत की दुकान’ खोली थी,उन्होंने मुफ़्त में सभी लोगों को चाय पिलाई थी।

मदन तंवर का कहना है कि मेवात जैसा हिंदू मुस्लिम भाईचारा पूरी दुनिया में नहीं है। यहां सभी धर्मों के लोग बड़े प्यार और मोहब्बत से रहते हैं। उनका मानना है कि हमें एक दूसरे के धर्म की इज़्जत करनी चाहिए। हर धर्म अच्छाई का रास्ता दिखाता है और भलाई सीखता है।

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