Friday, October 16, 2026
21.2 C
Delhi

पद्मश्री इमरान शाह: मैं दिल और आत्मा से असमिया हूं न बहुमत, न अल्पसंख्यक

इमरान शाह असमिया साहित्य के नवाब है। अपने लेखन के लिए मशहूर इमरान शाह असम के साहित्यिक दिग्गजों में से एक है। उन्हें आम तौर पर असम लेखन का नवाब कहा जाता है। इमरान शाह (Padma Shri Imran Shah) को मागोर एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा असम वैली लिटरेरी अवार्ड (2009), असम सरकार द्वारा अजान पीर अवार्ड (2008), साहित्यकार लक्ष्मीनाथ बेजबरूआ अवार्ड (2022), सब्दवा साहित्य अवार्ड, सैयद अब्दुल मलिक अवार्ड (2013) से भी सम्मानित किया गया है।

Padma Shri Imran Shah का जन्म 23 नवंबर 1933 को ढाई अली, शिवसागर में हुआ। उन्होंने आवाज़ द वॉयस को बताया कि “मेरा कॉलेज जीवन शुरू होते ही, मैंने गंभीरता से लिखने के लिए कलम उठा ली थी। मेरी लघु कहानी 1957-58 में अत्यधिक प्रभावशाली असमिया साहित्य पत्रिका रामधेनु में प्रकाशित हुई। तब से मैं बिना रुके लिख रहा हूं। मुझे जो अच्छा लगता है मैं लिखता हूं बदले में लोग मुझे बहुत प्यार देते हैं।

मुझे लिखने में कोई कठिनाई नहीं हुई। जब भी मैं खुद को खाली पाता हूं,अपनी स्याही और कागज लेकर बैठ जाता हूं। जब भी मेरे पास पर्याप्त संसाधन होते हैं, मैं अपनी आदत (लेखन) में शामिल हो जाता हूं। मैं न तो अल्पसंख्यक और न ही बहुसंख्यक हूं, मैं दिल और आत्मा से असमिया हूं। मुझे केवल मेरे नाम के लिए ही क्यों चुना जाना चाहिए?” इमरान शाह हमेशा अपने आप को अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के विभाजन से दूर रखते हैं। उनका मानना है कि इस प्रकार का विभाजन समाज को हानि पहुँचाता है।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

Topics

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

मुजतबा हुसैन: हंसी के पीछे छुपी सच्चाई का बेमिसाल क़लमकार

उर्दू अदब में तंज़-ओ-मज़ाह की बात हो और मुजतबा...

Balbir Singh Senior: भारतीय हॉकी को गोल्ड की राह दिखाने वाले

भारतीय हॉकी के इतिहास में जब भी बड़े खिलाड़ियों...

Related Articles

Popular Categories